Last Updated on August 29, 2026 by Gopi Krishna Verma
SP बोले—’डिजिटल युग में फोन केवल संचार नहीं, सुरक्षा का साधन’

गिरिडीह। न्यू पुलिस लाइन स्थित बहुउद्देशीय भवन में शनिवार को गिरिडीह पुलिस द्वारा विशेष कार्यक्रम “आपका मोबाइल फिर से आपके पास” का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम के तहत पुलिस प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए जिले के 112 मोबाइल उपभोक्ताओं को उनके गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन खोजकर सफलतापूर्वक वापस सौंप दिए।
कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए गिरिडीह पुलिस अधीक्षक (SP) डॉ. विमल कुमार ने खुद अपने हाथों से लाभान्वित उपभोक्ताओं को उनके फोन हस्तांतरित किए। खोया हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने गिरिडीह पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया।

डिजिटल युग में मोबाइल की भूमिका अहम: SP
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए एसपी डॉ. विमल कुमार ने कहा कि वर्तमान डिजिटल युग में मोबाइल फोन केवल बातचीत या मनोरंजन का माध्यम नहीं रह गया है। आज यह व्यक्ति की डिजिटल पहचान, वित्तीय सुरक्षा, शिक्षा, बैंकिंग और विभिन्न सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं से जुड़ा एक बेहद संवेदनशील और आवश्यक उपकरण है।
“मोबाइल का गुम या चोरी होना किसी भी व्यक्ति के लिए न केवल आर्थिक नुकसान है, बल्कि उसकी निजी जानकारी और सुरक्षा के लिहाज से भी एक गंभीर समस्या है। गिरिडीह पुलिस आम जनता से मिलने वाली शिकायतों को संवेदनशीलता से लेती है और अत्याधुनिक तकनीक व उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल कर फोन का सुराग लगाने तथा उसे वास्तविक मालिक तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयासरत है।” — डॉ. विमल कुमार, एसपी, गिरिडीह

तकनीक का इस्तेमाल कर अब तक 850 से अधिक फोन बरामद
पुलिस कप्तान ने गिरिडीह पुलिस की इस विशेष अभियान से जुड़ी उपलब्धियों का आंकड़ा भी साझा किया:
- शनिवार के कार्यक्रम में: 112 उपभोक्ताओं को उनके फोन वापस दिए गए।
- इस वर्ष की कुल बरामदगी: इस वर्ष आयोजित विभिन्न चरणों के तहत अब तक कुल 424 मोबाइल वापस किए जा चुके हैं।
- अब तक की कुल सफलता: गिरिडीह पुलिस इस अभियान की शुरुआत से लेकर अब तक कुल 850 से भी अधिक मोबाइल फोन ढूंढकर उनके असली मालिकों को लौटा चुकी है।

नागरिकों से पुलिस की अपील
कार्यक्रम के अंत में पुलिस अधिकारियों ने आम जनता से अपील की कि यदि उनका मोबाइल गुम या चोरी होता है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने में इसकी लिखित सूचना दें और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल या साइबर सेल की मदद लें। पुलिस ने नागरिकों को अपने डिवाइस में सुरक्षा लॉक रखने और किसी भी संदिग्ध स्थिति में त्वरित शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी।




