Last Updated on August 29, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिला पुलिस ने कानून, सुरक्षा और सतर्कता को लेकर एक बड़ी और अनूठी पहल की है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) डॉ. बिमल कुमार के निर्देशन में पूरे जिले में व्यापक “छात्र जागरूकता अभियान” चलाया गया, जिसके तहत जिले के 41 विद्यालयों में एक साथ जागरूकता कक्षाएं आयोजित की गईं। इस दौरान पुलिस अधिकारियों ने वर्दी के साथ-साथ एक शिक्षक और मार्गदर्शक की भूमिका निभाते हुए बच्चों से सीधे संवाद स्थापित किया।
स्वयं जमुआ पहुंचे एसपी डॉ. बिमल कुमार
अभियान की कमान संभालते हुए गिरिडीह एसपी डॉ. बिमल कुमार स्वयं जमुआ थाना क्षेत्र स्थित लंगटा बाबा उच्च विद्यालय, मिर्जागंज पहुंचे। उन्होंने वहां उपस्थित स्कूली बच्चों को बेहद सरल और व्यावहारिक भाषा में कानून, यातायात नियमों और डिजिटल सुरक्षा की बारीकियों से अवगत कराया।

एसपी के अलावा जिले के सभी पुलिस उपाधीक्षक (DSP), पुलिस निरीक्षक (Inspector), तथा थाना/ओपी प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों के चिन्हित स्कूलों में पहुंचकर क्लास ली। खाकी वर्दी को गुरु के रूप में अपने सामने पाकर छात्र-छात्राओं में भारी उत्साह देखा गया। सत्र के अंत में बच्चों ने पुलिस अधिकारियों से खुलकर सवाल पूछे, जिनका अधिकारियों ने आत्मीयता से उत्तर दिया।
मुख्य रूप से इन 3 विषयों पर दी गई जानकारी
नये आपराधिक कानून (New Criminal Laws): विद्यार्थियों को नए कानून यानी भारतीय न्याय संहिता (BNS) एवं भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) के मुख्य प्रावधानों के बारे में बताया गया। इसके साथ ही ज़ीरो एफआईआर (Zero FIR), ई-एफआईआर, महिला एवं बाल सुरक्षा से जुड़े कड़े प्रावधानों और डिजिटल साक्ष्यों की अहमियत समझाई गई।

- साइबर सुरक्षा एवं बचाव: डिजिटल ठगी से बचाव के लिए म्यूल अकाउंट (Mule Account) के खतरे, सोशल मीडिया ब्लैकमेलिंग/सेक्सटॉर्शन, टास्क फ्रॉड और तथाकथित ‘डिजिटल अरेस्ट’ जैसे नए साइबर अपराधों से सावधान रहने की सलाह दी गई। किसी भी प्रकार के साइबर अपराध की स्थिति में तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने को कहा गया।
- सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियम: अंडरएज ड्राइविंग (18 वर्ष से कम उम्र में वाहन चलाने) के कानूनी परिणामों और जोखिमों के प्रति आगाह किया गया। इसके अलावा दोपहिया वाहन चालकों को ISI मार्क हेलमेट पहनने, ट्रिपल राइडिंग न करने और सड़क हादसे के पीड़ितों की मदद के लिए बने गुड सेमेरिटन (नेक नागरिक) कानून की जानकारी दी गई।
- “छात्र हमारे समाज का भविष्य हैं। यदि हमारे बच्चे कानून के प्रति सजग, डिजिटल दुनिया में सतर्क और सड़क पर अनुशासित रहेंगे, तो एक सुरक्षित और अपराध-मुक्त समाज का निर्माण स्वतः होगा। गिरिडीह पुलिस का उद्देश्य जनता और पुलिस के बीच की दूरी को मिटाकर युवाओं को सशक्त बनाना है।” — डॉ. बिमल कुमार (भा.पु.से.), पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह




