Last Updated on November 4, 2024 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। ज़िले में लोक संस्कृति एवं आस्था का महापर्व छठ पूजा कल यानी मंगलवार से शुरू होगा।
गिरिडीह ज़िले के शहरी क्षेत्र एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पर्व को मनाने की तैयारी शुरू कर दी है। इधर गिरिडीह शहरी क्षेत्र के छठ घाटों की साफ सफाई अंतिम चरण में है। वही पर्व की शुरूआत पांच नवंबर को नहाय-खाय के साथ शुरू होगी। छह नवंबर को खरना और सात नवंबर को डूबते हुए सूर्य को अर्घ्य दिया जाएगा। जबकि सात नवंबर को उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर महिलाएं व्रत पूरा करेगी।

कार्तिक शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को छठ पर्व की शुरूआत होगी। ऐसे में इस बार पांच नवंबर को नहायक खाय के साथ पर्व शुरू होगा। पहले दिन श्रद्धालु नहाय-खाय के साथ व्रत की शुरूआत करेगी। महिलाएं 36 घंटे का निर्जला छठ व्रत रखेगी। गेहूं को घर में पीसा जाएगा। इसमें ठेकुआ, मीठी पूड़ी, पकोड़ी, खाजा के अलावा खीर बनाई जाएगी। वहीं छह नवंबर को खरना होगा।

इसी के साथ सूर्यषष्ठी व्रत का दूसरा चरण शुरू हो जाएगा। व्रती महिलाएं आंशिक उपवास रखेंगी। यानि दिन में व्रत रहने के बाद शाम को स्वच्छता से धुले स्थान पर चूल्हे को स्थापित कर अच्छत, धूप, दीप व सिंदूर से उसकी पूजा करेंगी। जबकि सात नवंबर को डूबते हुए सूरज को अघ्र्य दिया जाएगा और आठ नवंबर को उगते हुए सूरज को अर्घ्य देकर व्रती महिलाएं व्रत पूरा करेगी। ऐसे में दिवाली के बाद अब छठ पूजा की तैयारी शुरू हो गई है।




