Last Updated on August 15, 2026 by Gopi Krishna Verma
राष्ट्रध्वज के गरिमा को ठेस पहुंचाने पर कारवाई की मांग

गिरिडीह। गावां सीएचसी में 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ध्वजारोहण के दौरान राष्ट्रध्वज की गरिमा और उससे जुड़े प्रोटोकॉल उल्लंघन का एक बहुत ही गंभीर मामला सामने आया है जो वाकई चिंता का विषय है। सूत्रों के अनुसार ध्वजारोहण के समय झंडा खुला ही नहीं और रस्सी फंस गई। इसके बाद स्थिति संभालने के लिए एक कर्मी को झंडे के लिए लगाए गए डंडे पर चढ़ना पड़ा।
इस दौरान राष्ट्रध्वज दो बार नीचे की ओर गिरने की स्थिति में पहुंचा। हालांकि, जमीन पर गिरने से पहले उसे पकड़ लिया गया। इसके बाद स्थिति ऐसी बनी कि झंडे को नीचे ही लहराकर वापस खंभे पर खड़ा किया गया। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व पर राष्ट्रध्वज के साथ ऐसी स्थिति बनना निश्चित रूप से सामान्य तकनीकी समस्या भर नहीं माना जा सकता।

ध्वजारोहण की व्यवस्था में झंडे, रस्सी, डंडे और अन्य जरूरी तैयारियों की पहले से जांच की जाती तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। राष्ट्रध्वज की गरिमा और सम्मान से जुड़े कार्यक्रम में छोटी-सी लापरवाही भी गंभीर मानी जानी चाहिए। सवाल उठेगा ही आखिर जिस ध्वजारोहण कार्यक्रम की तैयारी पहले से तय थी, उसमें रस्सी और झंडे की व्यवस्था का पूर्व परीक्षण क्यों नहीं किया गया? क्या कार्यक्रम शुरू होने से पहले ध्वजारोहण स्थल का निरीक्षण किया गया था? यदि किया गया था, तो फिर मौके पर ऐसी स्थिति कैसे उत्पन्न हुई?

राष्ट्रध्वज का जमीन पर गिरने से बच जाना निश्चित रूप से राहत की बात है; लेकिन उसे दो बार गिरने की स्थिति तक पहुंचना और अंततः नीचे ही लहराकर वापस खंभे पर लगाना व्यवस्था की गंभीर खामी को सामने लाता है। यह घटना संबंधित जिम्मेदार लोगों के लिए आत्ममंथन का विषय है, ताकि भविष्य में राष्ट्रीय पर्व के दौरान ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो और राष्ट्रध्वज की गरिमा के अनुरूप पूरी संवेदनशीलता और प्रोटोकॉल के साथ ध्वजारोहण सुनिश्चित किया जा सके।
source: Basant Kumar, Gawan.




