कौशल विकास एवं श्रम विभाग की योजनाओं की समीक्षा, डीडीसी ने दिए सख्त निर्देश

Last Updated on July 13, 2026 by Gopi Krishna Verma युवाओं को अधिकाधिक रोजगार से जोड़ने और बाल श्रम पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश गिरिडीह। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने सोमवार समाहरणालय सभागार में कौशल विकास एवं श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में विभागवार एवं प्रखंडवार…

Last Updated on July 13, 2026 by Gopi Krishna Verma

युवाओं को अधिकाधिक रोजगार से जोड़ने और बाल श्रम पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश

गिरिडीह। उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने सोमवार समाहरणालय सभागार में कौशल विकास एवं श्रम विभाग द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं एवं कार्यक्रमों की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में विभागवार एवं प्रखंडवार प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, निर्धारित लक्ष्यों की समयबद्ध प्राप्ति तथा आमजन को अधिकाधिक लाभान्वित करने के उद्देश्य से आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कौशल विकास विभाग की समीक्षा के क्रम में उप विकास आयुक्त ने कहा कि झारखंड के युवाओं में स्वरोजगार एवं उद्यमशीलता की भावना विकसित करना तथा उनकी रोजगार क्षमता में वृद्धि करना सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने कौशल विकास विभाग एवं जिला नियोजन कार्यालय को निर्देश दिया कि जिले के अधिक से अधिक युवाओं को विभिन्न कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों से जोड़ते हुए निजी एवं सरकारी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि युवाओं को प्रशिक्षण के साथ-साथ रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने की दिशा में समन्वित एवं परिणामोन्मुख कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मॉल, वी-मार्ट, नर्सिंग होम, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स प्रतिष्ठानों सहित अन्य व्यावसायिक संस्थानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाते हुए उनका रेस्क्यू करने के निर्देश दिए। इसके उपरांत श्रम विभाग की प्रखंडवार प्रगति एवं निर्धारित लक्ष्यों की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने श्रम कानूनों के प्रभावी अनुपालन पर विशेष बल दिया। उन्होंने बाल श्रम उन्मूलन अभियान को और अधिक सशक्त बनाने के निर्देश देते हुए कहा कि बाल श्रम किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

उन्होंने होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, मॉल, वी-मार्ट, नर्सिंग होम, ऑटोमोबाइल स्पेयर पार्ट्स प्रतिष्ठानों सहित अन्य व्यावसायिक संस्थानों में कार्यरत नाबालिग बच्चों की पहचान कर विशेष अभियान चलाते हुए उनका रेस्क्यू करने के निर्देश दिए। साथ ही संबंधित प्रतिष्ठानों के विरुद्ध नियमानुसार सीलिंग, जुर्माना एवं अन्य वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया कि रेस्क्यू किए गए बच्चों का पुनर्वास सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। ऐसे बच्चों को विभिन्न सरकारी कल्याणकारी योजनाओं से जोड़ते हुए विद्यालयों में नामांकन सुनिश्चित कराया जाए तथा जो बच्चे पढ़ाई छोड़ चुके हैं, उन्हें पुनः शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जाए। उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि बाल श्रम के विरुद्ध अभियान को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए रात्रि एवं अहले सुबह ईंट-भट्टों, होटलों एवं अन्य संभावित प्रतिष्ठानों में नियमित छापेमारी अभियान चलाया जाए, ताकि बाल श्रम की रोकथाम प्रभावी ढंग से सुनिश्चित हो सके।

संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही, उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी।

बैठक के दौरान श्रमिकों के हितों एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी विस्तृत समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि विभिन्न प्रतिष्ठानों में कार्यरत श्रमिकों को निर्धारित मजदूरी का भुगतान हो रहा है अथवा नहीं, इसकी नियमित जांच की जाए तथा किसी भी प्रकार की अनियमितता पाए जाने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए श्रमिकों को उनका वैधानिक भुगतान सुनिश्चित कराया जाए। उन्होंने श्रम विभाग में निबंधित श्रमिकों की संख्या, विभिन्न विद्यालयों एवं प्रतिष्ठानों में कार्यरत सफाई कर्मचारियों की स्थिति की समीक्षा करते हुए निर्देश दिया कि किसी भी कर्मचारी का मानदेय नकद भुगतान नहीं किया जाए। सभी भुगतान प्रत्यक्ष लाभ (डीबीटी) के माध्यम से उनके बैंक खातों में ही किए जाएं। साथ ही निबंधित श्रमिकों को ग्रेच्युटी, स्वास्थ्य बीमा, दुर्घटना बीमा एवं अन्य सामाजिक सुरक्षा योजनाओं का लाभ समय पर मिल रहा है अथवा नहीं, इसकी भी नियमित जांच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

ग्रामीण क्षेत्रों में दुकानों एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के निबंधन की समीक्षा करते हुए उप विकास आयुक्त ने अधिक से अधिक दुकानों का पंजीकरण सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रम विभाग एवं कौशल विकास विभाग द्वारा संचालित सभी योजनाओं का व्यापक स्तर पर प्रचार-प्रसार किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं की जानकारी पहुंचे और वे अधिकाधिक लाभान्वित हो सकें। इसके लिए सोशल मीडिया सहित सभी उपलब्ध माध्यमों का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश दिए गए।

उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को संवेदनशीलता, पारदर्शिता एवं जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश देते हुए स्पष्ट कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर की लापरवाही, उदासीनता अथवा शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी तथा ऐसे मामलों में नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। बैठक में जिला नियोजन पदाधिकारी, इमरान फारूखी, श्रम अधीक्षक, दीपिका कुमारी समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

About Author

About the Author

Pappu Kumar Verma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the editor

Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports