विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में नगर भवन गिरिडीह में जल महोत्सव कार्यक्रम के तहत कार्यशाला-सह-सम्मान समारोह का आयोजन

Last Updated on March 22, 2026 by Gopi Krishna Verma मंत्री सुदीव्य कुमार, विधायक बगोदर नागेन्द्र महतो, डीसी रामनिवास यादव, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी तथा उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया एक नज़र: गिरिडीह। विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में जिले में जल संरक्षण और…

Last Updated on March 22, 2026 by Gopi Krishna Verma

मंत्री सुदीव्य कुमार, विधायक बगोदर नागेन्द्र महतो, डीसी रामनिवास यादव, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी तथा उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने दीप प्रज्वलित कर किया कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया

एक नज़र:

  • कार्यक्रम में जल संरक्षण, जल संचयन, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई।
  • इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जल सहिया बहनों एवं विभिन्न पंचायतों के मुखिया को सम्मानित किया गया।
  • मंत्री सुदीव्य कुमार ने जल सहिया बहनों द्वारा गांव-गांव में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान, जल स्रोतों के संरक्षण और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के प्रयासों की कि सराहना। कहा कि जल संरक्षण और संवर्धन में जल सहिया बहनों की भूमिका अहम।
  • आप सभी जल सहिया बहनों और मुखिया गांवों में जल संरक्षण के सच्चे प्रहरी हैं और आपके प्रयासों से ही लोगों में जागरूकता बढ़ेगी: सुदीव्य कुमार
  • उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि हर गांव तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जाए।
  • जल महोत्सव कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में जल के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है: उपायुक्त रामनिवास यादव

गिरिडीह। विश्व जल दिवस के उपलक्ष्य में जिले में जल संरक्षण और जल प्रबंधन को लेकर व्यापक जन जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से जल महोत्सव कार्यक्रम के तहत कार्यशाला-सह-सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ सुदीव्य कुमार मंत्री, नगर एवं आवास विभाग, विधायक बगोदर नागेन्द्र महतो, जिला उपायुक्त रामनिवास यादव, जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी तथा उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, माननीय कोडरमा लोकसभा सांसद प्रतिनिधि दिनेश यादव के द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में जल संरक्षण, जल संचयन, स्वच्छ पेयजल की उपलब्धता और ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन की दिशा में किए जा रहे प्रयासों पर विस्तार से चर्चा की गई। इस अवसर पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले जल सहिया बहनों एवं विभिन्न पंचायतों के मुखिया को सम्मानित किया गया, जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिल सके और जल संरक्षण के प्रति जनभागीदारी बढ़े।

कार्यक्रम में कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल 1 & 2, रितेश श्रीवास्तव और अवीक अंबाला, बेंगाबाद प्रमुख, पेशम पंचायत की मुखिया, बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, अधिकारी, जल सहिया बहनें, पंचायत प्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता तथा आम नागरिक उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए माननीय मंत्री, श्री सुदीव्य कुमार ने कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के बिना मानव जीवन की कल्पना संभव नहीं है। उन्होंने कहा कि आज पूरे विश्व में जल संकट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, ऐसे में हमें जल के महत्व को समझते हुए इसके संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास करने की आवश्यकता है। उन्होंने जल सहिया बहनों और मुखिया को संबोधित करते हुए कहा कि आप सभी गांवों में जल संरक्षण के सच्चे प्रहरी हैं और आपके प्रयासों से ही लोगों में जागरूकता बढ़ेगी। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार जल संरक्षण और पेयजल व्यवस्था को मजबूत करने के लिए लगातार कार्य कर रही है तथा हर घर तक स्वच्छ पानी पहुंचाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

आगे उन्होंने जल सहिया बहनों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि वे समाज में जल संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। गांव-गांव जाकर लोगों को पानी बचाने, स्वच्छता बनाए रखने और जल स्रोतों को संरक्षित करने के लिए प्रेरित करना एक सराहनीय कार्य है। उन्होंने सभी से अपील किया कि जल का उपयोग सोच-समझकर करें, वर्षा जल संचयन को अपनाएं और जल बर्बादी को रोकें। उन्होंने कहा कि यदि आज हम जल को बचाएंगे तो आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य मिलेगा।

अंत में मंत्री महोदय ने सभी जल सहिया बहनों और मुखिया को धन्यवाद दिया कि उनके सक्रिय भागीदारी से आज हम सभी जल संरक्षण की दिशा में बेहतर कार्य कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम में जल सहिया बहनों के सुझाव को भी लिपिपत्र किया जाय और संबंधित विभाग के माध्यम से माननीय मंत्री पेयजल एवं स्वच्छता विभाग को भेजा जाय। उन्होंने कहा कि जल संरक्षण की दिशा में जल सहिया बहनों द्वारा किए जा रहे कार्यों पर हमें गर्व और गौरव महसूस करने की आवश्यकता है। मंत्री ने सभी को विश्व जल दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पूरी पारदर्शिता और तन्मयता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें।

इस अवसर पर उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने संबोधन में कहा कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं से संभव नहीं है, बल्कि इसमें आम लोगों की सक्रिय भागीदारी जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल सहिया बहनें गांवों में जाकर लोगों को स्वच्छ पानी के महत्व, जल स्रोतों की देखभाल और जल जनित बीमारियों से बचाव के बारे में जागरूक कर रही हैं, जो अत्यंत सराहनीय है। उपायुक्त ने जल संरक्षण की दिशा में किए गए कुछ उत्कृष्ट कार्यों/अनुभवों को साझा किया। इस दौरान उपायुक्त ने जल संरक्षण को लेकर संथाल परगना क्षेत्र में वाटर टैंकर के माध्यम से किए गए जल बचाव एवं प्रबंधन कार्यों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जल संकट से प्रभावित क्षेत्रों में नियमित रूप से वाटर टैंकर के जरिए पेयजल की आपूर्ति सुनिश्चित की जा रही है, ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। साथ ही जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन और जल के समुचित उपयोग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उपायुक्त ने कहा कि प्रशासन का लक्ष्य है कि हर गांव तक सुरक्षित और पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराया जाए तथा जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाया जाए।

उपायुक्त ने कहा कि जिले में जल संरक्षण को लेकर कई योजनाएं चलाई जा रही हैं और इन योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए प्रशासन प्रतिबद्ध है। आगे उन्होंने कहा कि जल महोत्सव कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों में जल के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना और जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाना है। उन्होंने पंचायत प्रतिनिधियों और मुखिया से अपील की कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में जल संरक्षण से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता दें और लोगों को इसके लिए प्रेरित करें। उन्होंने कहा कि यदि समाज के सभी वर्ग मिलकर प्रयास करें तो जल संकट जैसी समस्या से आसानी से निपटा जा सकता है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए विधायक बगोदर नागेन्द्र महतों ने कहा कि जल संरक्षण आज की सबसे बड़ी जरूरत है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में जल सहिया बहनें जिस तरह से लोगों को जागरूक कर रही हैं, वह समाज के लिए प्रेरणादायक है। उन्होंने कहा कि जल बचाने की जिम्मेदारी केवल सरकार या प्रशासन की नहीं, बल्कि समाज के हर व्यक्ति की है। विधायक ने कहा कि हमें अपने दैनिक जीवन में पानी का सही उपयोग करना चाहिए और अनावश्यक जल बर्बादी को रोकना चाहिए।

जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि जल महोत्सव जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से लोगों में जागरूकता बढ़ती है और समाज में सकारात्मक संदेश जाता है। उन्होंने कहा कि पंचायत स्तर पर जल संरक्षण के लिए तालाबों का जीर्णोद्धार, वर्षा जल संचयन और जल स्रोतों की सफाई जैसे कार्यों को प्राथमिकता देने की आवश्यकता है। उन्होंने सभी से जल संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।

कोडरमा लोकसभा सांसद प्रतिनिधि ने कहा कि जल सहिया बहनें, मुखिया और पंचायत प्रतिनिधि गांव-गांव में लोगों को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं, जो सराहनीय है। उन्होंने लोगों से अपील की कि नल का पानी व्यर्थ न बहाएं, तालाब और कुओं की सफाई पर ध्यान दें तथा जल संरक्षण को अपनी दैनिक जीवनशैली का हिस्सा बनाएं। उन्होंने कहा कि सामूहिक प्रयास से ही आने वाली पीढ़ियों के लिए जल को सुरक्षित रखा जा सकता है और जल संकट से बचा जा सकता कार्यक्रम के दौरान उत्कृष्ट कार्य करने वाले जल सहिया बहनों और मुखिया को प्रशस्ति पत्र एवं शॉल देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित होने वाले जल सहिया बहनों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि वे गांवों में लोगों को स्वच्छ पानी के महत्व और जल संरक्षण के प्रति जागरूक करने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं। उन्होंने कहा कि इस सम्मान से उनका मनोबल बढ़ा है और वे भविष्य में और बेहतर कार्य करने के लिए प्रेरित हुई हैं।कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों ने जल संरक्षण के तकनीकी पहलुओं पर भी विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने वर्षा जल संचयन, भू-जल संरक्षण, जल स्रोतों के रखरखाव और जल प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों के बारे में बताया। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में जल संकट को कम करने के लिए सामुदायिक भागीदारी पर जोर दिया गया।

कार्यक्रम के अंत में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। उन्होंने मंत्री, माननीय विधायक, उपायुक्त, सभी जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, जल सहिया बहनों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से ही जल संरक्षण का अभियान सफल हो सकता है। उप विकास आयुक्त ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है और इस दिशा में जनभागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कार्यक्रम में शामिल होकर जल संरक्षण के प्रति जागरूकता फैलाने वाले सभी प्रतिभागियों की सराहना की और कहा कि ऐसे आयोजनों से समाज में सकारात्मक संदेश जाता है तथा लोगों में जल के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है। उन्होंने कहा कि जल महोत्सव कार्यक्रम के माध्यम से जिले में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और आने वाले समय में इसके सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे। अंत में जल संरक्षण का संकल्प लिया गया और सभी उपस्थित लोगों ने जल बचाने तथा जल स्रोतों की रक्षा करने का वचन दिया।

कार्यक्रम शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। मंच संचालन कर्ता अवीक अंबाला, (कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल संख्या 2 ) ने कहा कि आज के समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनती जा रही है, जिसका मुख्य कारण जल का अनियंत्रित उपयोग और संरक्षण के प्रति लापरवाही है। उन्होंने सभी लोगों से अपील की कि वे जल की एक-एक बूंद को बचाने का संकल्प लें और अपने घर, गांव तथा समाज में जल संरक्षण के उपायों को अपनाएं। उन्होंने कहा कि यदि हम आज से ही जल बचाने की दिशा में ठोस कदम उठाएं, तो आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना नहीं करना पड़ेगा। अंत में उन्होंने सभी को जल संरक्षण के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया।

इसके अलावा मंच संचालन कर्ता के रूप में श्री शशांक शेखर, यूनिसेफ प्रतिनिधि ने अपने विचार प्रकट किए। उन्होंने कार्यक्रम के विभिन्न सत्रों को सरल, व्यवस्थित एवं प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करते हुए पूरे आयोजन को सुचारू रूप से संचालित किया। उनके कुशल मंच संचालन के कारण कार्यक्रम अनुशासित एवं आकर्षक बना रहा। अंत में उन्होंने सभी प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए जल संरक्षण के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने की अपील की।

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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