Last Updated on September 2, 2026 by Gopi Krishna Verma
ज्ञान विज्ञान समिति, झारखंड की ओर से पंचायत सचिवालय तेलोडीह, गिरिडीह से जारी किया गया आंकड़ा

गिरिडीह। ज्ञान विज्ञान समिति, झारखंड की ओर से पंचायत सचिवालय तेलोडीह, गिरिडीह में बेरोजगारी सर्वेक्षण के निष्कर्षों को लेकर एक प्रेस वार्ता का आयोजन किया गया। इस अवसर पर समिति के जिलाध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता समेत राज्य एवं जिला स्तर के कई पदाधिकारी उपस्थित थे।
प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष योगेंद्र गुप्ता ने बताया कि समिति ने राज्य के 18 जिलों में स्वयंसेवी आधार पर यह व्यापक बेरोजगारी सर्वेक्षण कराया है। गिरिडीह जिले के 13 प्रखंडों में किए गए सर्वेक्षण में यह बात प्रमुखता से सामने आई कि बड़ी संख्या में शिक्षित युवा रोजगार की तलाश में भटक रहे हैं।

सर्वेक्षण के मुख्य आंकड़े:
- 71% लोग रोजगार की तलाश में हैं।
- 96% उत्तरदाता शिक्षित पाए गए।
- 49% लोगों का मानना है कि अच्छे रोजगार की संभावनाएं बहुत कम हैं।
- 95% से अधिक लोगों का मानना है कि समय के साथ बेरोजगारी की स्थिति और गंभीर होती जा रही है।
कृषि, कुटीर उद्योग और स्वरोजगार पर जोर समिति के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर पैदा करने के लिए खेती, कृषि-आधारित उद्योगों और कुटीर उद्योगों को बढ़ावा देना अत्यंत आवश्यक है। वहीं स्वरोजगार के इच्छुक लोगों ने पर्याप्त पूंजी, बेहतर बाजार व्यवस्था और कौशल प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग की है।

अल्प-रोजगार और पलायन पर चिंता जिला सचिव बैजनाथ प्रसाद ने कहा कि वर्तमान में बेरोजगारी के साथ-साथ ‘अल्प-रोजगार’ भी एक गंभीर समस्या बन चुका है। शिक्षित युवा अपनी योग्यता से कम स्तर का काम करने या अस्थायी रोजगार स्वीकार करने को मजबूर हैं। उन्होंने संविदा, आउटसोर्सिंग और गिग इकोनॉमी में कार्यरत युवाओं को सामाजिक सुरक्षा और रोजगार की गारंटी देने की आवश्यकता पर बल दिया।
इसके साथ ही, जिला कोषाध्यक्ष मो. आलम ने ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि संकट और रोजगार के अभाव के कारण हो रहे पलायन पर गहरी चिंता जताई। वहीं जिला उप-सचिव दिवस कुमार ने कहा कि रोजगार संकट का समाधान केवल आर्थिक विकास दर बढ़ाने से नहीं होगा, बल्कि local स्तर पर रोजगार के स्थायी अवसर पैदा करने होंगे।
सरकार को सौंपा जाएगा नीति-परामर्श प्रेस वार्ता के अंत में समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सर्वेक्षण के निष्कर्षों पर आने वाले दिनों में व्यापक जनसंवाद आयोजित किया जाएगा और इसके बाद झारखंड सरकार को रोजगार सृजन के लिए एक विस्तृत नीति-परामर्श (Policy Advisory) सौंपा जाएगा।




