Last Updated on October 10, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। झारखंड में विधानसभा उपचुनाव की सुगबुगाहट के साथ ही राज्य का राजनीतिक पारा तेजी से चढ़ने लगा है। इसी बीच, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू शनिवार को गिरिडीह पहुंचे। अपने इस दौरे के दौरान उन्होंने छात्रों के साथ मारपीट की घटना से लेकर विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) जैसे मुद्दों पर सत्ताधारी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा। साथ ही, आगामी गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव में बीजेपी की जीत का दावा भी किया।

छात्रों की पिटाई पर JMM और प्रशासन को घेरा
गिरिडीह में हाल ही में छात्रों के साथ हुई मारपीट की घटना को लेकर आदित्य साहू ने JMM पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने दावा किया कि इस पूरी घटना में JMM से जुड़े लोग प्रत्यक्ष रूप से शामिल थे।
- FIR न होने पर उठाए सवाल: उन्होंने सबसे बड़ा सवाल यह उठाया कि छात्रों के साथ मारपीट जैसी गंभीर घटना होने के बावजूद अब तक इस मामले में प्राथमिकी (FIR) क्यों दर्ज नहीं की गई है?
- निष्पक्ष जांच की मांग: बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े करते हुए मांग की कि तुरंत FIR दर्ज कर मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई हो।
उपचुनाव में कमल खिलने का दावा
गिरिडीह विधानसभा उपचुनाव को लेकर बीजेपी पूरी तरह आक्रामक मूड में नजर आ रही है। आदित्य साहू ने दावा किया कि इस बार गिरिडीह की जनता का पूर्ण समर्थन बीजेपी के साथ है। उन्होंने विश्वास जताया कि उपचुनाव में जनता बीजेपी उम्मीदवार को चुनकर विधानसभा भेजेगी। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि उनका यह बयान उपचुनाव से ठीक पहले पार्टी की आक्रामक चुनावी तैयारियों और मजबूत राजनीतिक दावेदारी को दर्शाता है।

SIR (विशेष गहन पुनरीक्षण) पर कांग्रेस और JMM पर निशाना
विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की प्रक्रिया को लेकर भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस और JMM को आड़े हाथों लिया।
- कांग्रेस के पुराने अनुभवों पर सवाल: उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी पहले भी कई बार ऐसी चुनावी और प्रशासनिक प्रक्रियाओं से गुजर चुकी है, ऐसे में अब SIR को लेकर उसे और उसके सहयोगियों को परेशानी क्यों हो रही है?
- वोट बैंक बचाने का आरोप: आदित्य साहू ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया के तहत मतदाता सूची से अवैध रूप से रह रहे लोगों के नाम हटाए जा रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि यही वजह है कि JMM और कांग्रेस इसका विरोध कर रहे हैं, क्योंकि ऐसे लोग इन दोनों दलों के कथित तौर पर कोर वोटर (मतदाता) हैं।
सियासी टकराव और तेज होने के आसार
यद्यपि SIR को लेकर लगाए गए इन आरोपों और छात्रों के साथ मारपीट की घटना में JMM नेताओं की संलिप्तता के दावों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है, लेकिन गिरिडीह दौरे पर दिए गए आदित्य साहू के इन बयानों से साफ है कि उपचुनाव से पहले राज्य में बीजेपी और सत्तारूढ़ गठबंधन के बीच का सियासी टकराव और अधिक तीव्र होने वाला है।




