Last Updated on September 12, 2026 by Gopi Krishna Verma
आकांक्षी जिला एवं जमुआ प्रखंड के प्रत्येक इंडिकेटर का हो नियमित विश्लेषण, पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ शत-प्रतिशत प्रगति सुनिश्चित करने का निर्देश

गिरिडीह। आकांक्षी जिला के केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी-सह-चीफ एक्जीक्यूटिव ऑफिसर (नेशनल हेल्थ अथॉरिटी) सुनील कुमार वर्णवाल आज गिरिडीह पहुंचे। उनके अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में नीति आयोग के आकांक्षी जिला कार्यक्रम (ADP) एवं आकांक्षी प्रखंड रूपांतरण कार्यक्रम (ABP) के अंतर्गत गिरिडीह जिले तथा आकांक्षी प्रखंड जमुआ में निर्धारित विकास मानकों एवं इंडिकेटर्स की विस्तृत समीक्षा बैठक आयोजित की गई।
बैठक में उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की उपस्थिति में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी द्वारा पीपीटी के माध्यम से आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड के विभिन्न इंडिकेटर्स की अद्यतन स्थिति से केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी को अवगत कराया गया।
श्री वर्णवाल ने कहा कि गिरिडीह जिले ने आकांक्षी जिला कार्यक्रम के तहत विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय सुधार किया है। देश के 112 आकांक्षी जिलों में गिरिडीह की डेल्टा रैंकिंग 77वीं तथा झारखंड में ADP रैंकिंग 13वीं है। उन्होंने कहा कि जिन इंडिकेटर्स में अपेक्षित प्रगति हुई है, उसे बनाए रखने के साथ-साथ जिन क्षेत्रों में प्रगति में कमी आई है, वहां इसके कारणों का इंडिकेटरवार विश्लेषण करते हुए तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

स्वास्थ्य एवं पोषण : SAM/MAM बच्चों की पहचान एवं उपचार पर विशेष जोर
स्वास्थ्य एवं पोषण के इंडिकेटर्स की समीक्षा के दौरान गर्भवती महिलाओं के पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, बच्चों के पूर्ण टीकाकरण, कुपोषण नियंत्रण, स्वास्थ्य जांच सहित विभिन्न बिंदुओं की समीक्षा की गई। SAM/MAM बच्चों की पहचान, उन्हें संबंधित आंगनबाड़ी केंद्र एवं स्वास्थ्य संस्थानों तक लाने तथा आवश्यक पोषण एवं स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि कुपोषित बच्चों की पहचान एवं फॉलोअप में किसी प्रकार की शिथिलता नहीं होनी चाहिए। नियमित मॉनिटरिंग करते हुए बच्चों की पोषण स्थिति में सुधार सुनिश्चित किया जाए।
इसके अलावा ‘स्वस्थ नारी, सशक्त परिवार’ अभियान के तहत किए गए कार्यों एवं विशेष ड्राइव की समीक्षा की गई। महिलाओं एवं आमजनों की स्क्रीनिंग, ब्लड शुगर, मधुमेह, बीपी एवं हाइपरटेंशन जैसी बीमारियों की जांच को अभियान के रूप में संचालित करने तथा अधिक से अधिक लोगों को इससे जोड़ने का निर्देश दिया गया। आयुष्मान कार्ड निर्माण एवं वितरण को मिशन मोड में संचालित करने तथा पात्र लाभुकों को योजना का लाभ सुनिश्चित कराने पर भी विशेष जोर दिया गया।
शिक्षा: विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं एवं बच्चों की उपस्थिति में सुधार के निर्देश
शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, बाउंड्री वॉल, विद्युत व्यवस्था एवं इंटरनेट कनेक्टिविटी की स्थिति की जानकारी ली गई। विद्यालयों में नामांकित बच्चों की संख्या के अनुरूप शौचालयों की उपलब्धता, उनकी उपयोगिता एवं नियमित संचालन की भी समीक्षा की गई। केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि जिन विद्यालयों में आधारभूत सुविधाओं की कमी है, उनकी प्राथमिकता के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। विद्यालयों में पठन-पाठन की सुचारु व्यवस्था, विद्युत एवं पेयजल की उपलब्धता तथा बच्चों की उपस्थिति में सुधार के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा से संबंधित प्रत्येक इंडिकेटर का नियमित विश्लेषण किया जाए तथा जहां अपेक्षित ग्रोथ नहीं हो रही है, वहां कारणों की पहचान कर माइक्रो प्लान के माध्यम से सुधार सुनिश्चित किया जाए।

कृषि एवं जल संसाधन: माइक्रो इरिगेशन, पीएम कुसुम एवं फसल बीमा को बढ़ावा देने का निर्देश
कृषि एवं जल संसाधन क्षेत्र की समीक्षा के क्रम में पीएम कुसुम योजना, माइक्रो इरिगेशन, सॉयल हेल्थ कार्ड, फसल बीमा योजना सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। श्री वर्णवाल ने सॉयल हेल्थ कार्ड के वितरण में तेजी लाने, माइक्रो एवं डीप इरिगेशन सिस्टम को बढ़ावा देने तथा किसानों के बीच फसल बीमा योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार करने का निर्देश दिया। किसानों को योजनाओं के प्रति जागरूक करने के लिए विशेष जागरूकता अभियान एवं ड्राइव चलाने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा अमृत सरोवर योजना एवं भूमि संरक्षण विभाग द्वारा निर्मित किए जा रहे तालाबों की प्रगति की समीक्षा की गई। जल संरक्षण से संबंधित योजनाओं को समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने का निर्देश दिया गया।
पशुपालन: माइक्रो प्लान तैयार कर शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करें
पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान पशुओं के टीकाकरण की प्रगति की जानकारी ली गई। केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी ने निर्देश दिया कि पंचायत एवं क्षेत्रवार माइक्रो प्लान तैयार कर पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित किया जाए। टीकाकरण से वंचित क्षेत्रों एवं पशुपालकों की पहचान कर विशेष अभियान चलाने तथा इसकी नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा गया।
वित्तीय समावेशन: बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की पहुंच बढ़ाने पर जोर
वित्तीय समावेशन के तहत प्रधानमंत्री जन-धन योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना, प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना, अटल पेंशन योजना एवं मुद्रा लोन की प्रगति की समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि पात्र लोगों को बैंकिंग एवं सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से जोड़ने के लिए पंचायत एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाए। वित्तीय समावेशन से संबंधित इंडिकेटर्स में अपेक्षित प्रगति सुनिश्चित करने के लिए संबंधित विभाग एवं बैंकिंग संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया गया।
कौशल विकास एवं आजीविका: योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने के निर्देश
कौशल विकास एवं आजीविका से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान युवाओं एवं ग्रामीण परिवारों को उपलब्ध कराए जा रहे अवसरों तथा योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली गई। JSLPS द्वारा संचालित कार्यक्रमों की समीक्षा करते हुए योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक पात्र परिवारों तक पहुंचाने तथा जमीनी स्तर पर इसकी प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया।
आकांक्षी प्रखंड जमुआ: सभी 42 पंचायतों के इंडिकेटर्स की समीक्षा
आकांक्षी प्रखंड जमुआ के तहत प्रखंड की सभी 42 पंचायतों में नीति आयोग के निर्धारित इंडिकेटर्स के आधार पर संचालित योजनाओं एवं विकास कार्यों की पंचायतवार समीक्षा की गई। उन्होंने निर्देश दिया कि जिन पंचायतों में किसी विशेष इंडिकेटर की प्रगति अपेक्षाकृत कम है, वहां कारणों की पहचान करते हुए माइक्रो प्लान तैयार किया जाए। प्रत्येक पंचायत के लिए प्राथमिकता वाले इंडिकेटर्स निर्धारित कर लक्ष्य आधारित कार्यवाही सुनिश्चित करने तथा नियमित मॉनिटरिंग के माध्यम से प्रगति में सुधार लाने को कहा गया।
संपूर्णता अभियान 2.0: उपलब्धियों एवं शेष कार्यों की समीक्षा
संपूर्णता अभियान 2.0 के तहत 28 जनवरी से 14 अप्रैल तक संचालित कार्यक्रमों की भी समीक्षा की गई। अभियान के दौरान किए गए कार्यों, प्राप्त उपलब्धियों तथा शेष लक्ष्यों की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों को उपलब्धियों को बनाए रखने एवं शेष कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने का निर्देश दिया गया।
प्रत्येक इंडिकेटर का हो विश्लेषण, कम प्रगति वाले क्षेत्रों पर विशेष मॉनिटरिंग
समीक्षा के दौरान श्री वर्णवाल ने स्पष्ट निर्देश दिया कि केवल समग्र उपलब्धि के आधार पर समीक्षा न करते हुए प्रत्येक इंडिकेटर का अलग-अलग विश्लेषण किया जाए। जिन इंडिकेटर्स में लगातार ग्रोथ नहीं हो रही है अथवा जिनमें प्रगति में गिरावट दर्ज हुई है, उनके कारणों की पहचान कर विभागवार एवं क्षेत्रवार सुधारात्मक रणनीति तैयार की जाए। उन्होंने कहा कि सभी इंडिकेटर्स में शत-प्रतिशत प्रगति की दिशा में कार्य किया जाए। इसके लिए नियमित मॉनिटरिंग, फील्ड विजिट, डेटा का विश्लेषण एवं विभागीय समन्वय को मजबूत किया जाए।

जागरूकता एवं कम्युनिटी इनवॉल्वमेंट को बनाया जाए अभियान का आधार
केंद्रीय प्रभारी पदाधिकारी ने योजनाओं की सफलता के लिए कम्युनिटी इनवॉल्वमेंट एवं जन-जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं का क्रियान्वयन पर्याप्त नहीं है, बल्कि आमजनों को योजनाओं की जानकारी एवं उनके लाभ से जोड़ना भी जरूरी है। उन्होंने संबंधित विभागों को निर्देश दिया कि आवश्यकता के अनुसार विशेष जागरूकता अभियान एवं ड्राइव संचालित कर लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ जमीनी स्तर तक पहुंच सके।
पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं गुणवत्ता के साथ कार्य करने का निर्देश
श्री वर्णवाल ने निर्देशित किया कि आकांक्षी जिला एवं आकांक्षी प्रखंड के तहत संचालित सभी योजनाओं में पूर्ण पारदर्शिता, संवेदनशीलता एवं गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए। योजनाओं की भौतिक एवं वित्तीय प्रगति का समय-समय पर अद्यतन MIS एंट्री सुनिश्चित करने को कहा गया, ताकि पोर्टल पर वास्तविक उपलब्धि प्रदर्शित हो सके। उन्होंने कहा कि जहां प्रगति संतोषजनक है, वहां बेहतर प्रदर्शन को बनाए रखते हुए और सुधार किया जाए तथा जहां प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं है, वहां संबंधित पदाधिकारी कारणों की समीक्षा कर समयबद्ध सुधार सुनिश्चित करें। विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन एवं नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में उप-विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सहायक समाहर्ता यश कुमार सहित स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, पशुपालन, ग्रामीण विकास, पेयजल एवं स्वच्छता, समाज कल्याण, कौशल विकास, बैंकिंग एवं अन्य संबंधित विभागों के वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।




