गिरिडीह: खंडोली में शिक्षा का अलख जगाने नवीन राज टाइगर ने शुरू की ‘दीवार लेखन’ पहल

Last Updated on October 22, 2026 by Gopi Krishna Verma “बेटी नहीं है भार, शिक्षा है अधिकार” का संदेश देकर ग्रामीणों को बेटियों की पढ़ाई के प्रति किया जा रहा है जागरूक गिरिडीह। जिले के बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत करणपुरा पंचायत के खंडोली गांव में शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक अनोखी और…

Last Updated on October 22, 2026 by Gopi Krishna Verma

“बेटी नहीं है भार, शिक्षा है अधिकार” का संदेश देकर ग्रामीणों को बेटियों की पढ़ाई के प्रति किया जा रहा है जागरूक

गिरिडीह। जिले के बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत करणपुरा पंचायत के खंडोली गांव में शिक्षा के प्रति जन-जागरूकता फैलाने के उद्देश्य से एक अनोखी और सराहनीय पहल शुरू की गई है। समता फेलो नवीन कुमार उर्फ नवीन राज टाइगर ने गांव की दीवारों पर प्रेरक संदेश लिखकर शिक्षा का अलख जगाने का कार्य प्रारंभ किया है।

अभियान के तहत दीवारों पर “बेटी नहीं है भार, शिक्षा है अधिकार” जैसे प्रभावशाली नारे लिखे गए हैं, ताकि ग्रामीण दैनिक आवाजाही के दौरान इन संदेशों को पढ़कर बेटियों की शिक्षा के महत्व को समझ सकें।

तीन पंचायतों में लगातार सक्रिय हैं नवीन राज टाइगर

समता फेलो नवीन राज टाइगर बेंगाबाद प्रखंड की तीन पंचायतों में स्थानीय समाज के साथ मिलकर शिक्षा और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में निरंतर कार्य कर रहे हैं। अब उन्होंने अपने जागरूकता अभियान को नया रूप देते हुए दीवार लेखन (Wall Writing) की शुरुआत की है, जिससे गांव के हर वर्ग तक शिक्षा का संदेश सुलभता से पहुँच सके।

“बेटी बोझ नहीं, समाज का भविष्य है”

इस पहल के संबंध में बात करते हुए नवीन राज टाइगर ने बताया कि आज भी ग्रामीण क्षेत्रों के कुछ परिवारों में बच्चियों को नियमित रूप से विद्यालय भेजने को लेकर हिचकिचाहट और जागरूकता की कमी देखी जाती है।

“दीवार लेखन के माध्यम से हमारा प्रयास लोगों को यह समझाना है कि बेटी परिवार पर बोझ नहीं, बल्कि पूरे समाज का भविष्य है। बेटियों को शिक्षित करना न केवल उनका मौलिक अधिकार है, बल्कि एक सशक्त और बेहतर समाज के निर्माण के लिए भी अत्यंत आवश्यक है।” — नवीन राज टाइगर

सकारात्मक बदलाव और उज्ज्वल भविष्य की ओर कदम

नवीन राज टाइगर का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा के प्रति चेतना बढ़ाना, बेटियों की पढ़ाई को प्रोत्साहित करना और रूढ़िवादी सोच को बदलकर सकारात्मक बदलाव लाना है। उनका मानना है कि जब तक गांव का प्रत्येक नागरिक शिक्षा के सही मोल को नहीं समझेगा, तब तक जमीनी स्तर पर वास्तविक सुधार संभव नहीं है।

अभियान का मुख्य संदेश:

“बेटी पढ़ेगी, समाज बढ़ेगा; शिक्षा से ही उज्ज्वल भविष्य गढ़ेगा।”

मुख्य बातें (At a Glance)

  • स्थान: खंडोली गांव, करणपुरा पंचायत, बेंगाबाद (गिरिडीह)
  • पहलकर्ता: समता फेलो नवीन कुमार उर्फ नवीन राज टाइगर
  • मुख्य उद्देश्य: बेटियों की शिक्षा को बढ़ावा देना एवं सामाजिक जागरूकता फैलाना
  • माध्यम: दीवार लेखन (Wall Writing Campaign)

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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