Last Updated on September 15, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। गिरिडीह कॉलेज के हॉल संख्या-01 में मंगलवार को हिंदी विभाग के तत्वावधान में ‘हर दिन हिंदी’ कार्यक्रम का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में हिंदी भाषा के प्रति रुचि जागृत करना और दैनिक जीवन में इसके अधिकाधिक प्रयोग को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम की अध्यक्षता महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. एम. एन. सिंह ने की।
कार्यक्रम की शुरुआत करते हुए हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. बलभद्र सिंह ने रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने हिंदी की व्यापकता और उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि हिंदी को केवल एक विषय तक सीमित न रखकर दैनिक व्यवहार की सहज भाषा बनाना होगा। उन्होंने युवाओं से हिंदी साहित्य और भारतीय संस्कृति से जुड़ने का आह्वान किया।

प्राचार्य ने बताया संस्कृति और एकता की प्रतीक
अपने अध्यक्षीय संबोधन में प्राचार्य डॉ. एम. एन. सिंह ने कहा कि हिंदी केवल संवाद का जरिया नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और सामाजिक एकता की प्रतीक है। उन्होंने कहा, “हिंदी को सिर्फ ‘हिंदी दिवस’ या ‘हिंदी पखवाड़े’ तक सीमित न रखें, बल्कि इसे हर दिन अपने काम और व्यवहार में शामिल करें।” उन्होंने छात्रों को हिंदी भाषा पर गर्व करने और इसमें अभिव्यक्ति की क्षमता बढ़ाने के लिए प्रेरित किया।
छात्रों की सांस्कृतिक व साहित्यिक प्रस्तुतियां
कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों में खासा उत्साह देखने को मिला। छात्र अनुराग सागर, प्रिया कुमारी, किरण कुमारी और नीलेश कुमार ने हिंदी भाषा, साहित्य व संस्कृति पर आधारित अपनी प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। कार्यक्रम का मंच संचालन साजन पाठक ने अपने प्रभावी अंदाज में किया।
इस अवसर पर कॉलेज के शिक्षक धर्मेंद्र कुमार, श्वेता कुमारी सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का समापन दैनिक जीवन में हिंदी के अधिकाधिक प्रयोग और इसके प्रचार-प्रसार के संकल्प के साथ हुआ।




