Last Updated on April 12, 2026 by Gopi Krishna Verma
आरोप ऐसा की पूरा थाना सस्पेंड करने पर एसपी हुए बाध्य

गिरिडीह। झारखंड में संभवतः ऐसा पहली बार हुआ है, जब किसी मामले के निष्पादन में जानबूझकर लापरवाही बरतने के आरोप में पूरे थाने को सस्पेंड किया गया हो। ऐसा उदाहरण बोकारो जिले के पिंड्राजोरा थाने का है। बोकारो एसपी ने इस थाने में कार्यरत 10 सब इंस्पेक्टर, पांच असिस्टेंट सब इंस्पेक्टर, दो हवलदार और 11 सिपाही को सस्पेंड किया है। बोकारो एसपी ऑफिस से शनिवार की देर रात यह आदेश जारी किया गया है।

हाई कोर्ट के सख्ती के बाद पुलिस आई एक्शन में
दरअसल, 24 जुलाई 2025 को जिले के पिंड्राजोरा थाने की रहने वाली 18 साल की पुष्पा महतो के लापता होने का मामला उसकी मां रेखा देवी ने दर्ज कराया था। लेकिन लगभग 9 महीने तक पुलिस इसे नहीं तलाश पा रही थी। इसके बाद परिजन हाईकोर्ट पहुंच गए। मामले में हाईकोर्ट में पुलिस की कार्रवाई के लिए फटकार लगाई।

डीजीपी से लेकर एसपी तक को कोर्ट में हाजिर होना पड़ा। इसके बाद पुलिस ने एक ही दिन में पूरे मामले का खुलासा कर दिया। पुलिस ने लापता युवती का कंकाल भी बरामद कर लिया और आरोपी को भी अरेस्ट कर लिया।
आरोपियों को सपोर्ट करने पर हुई कार्रवाई
पुलिसकर्मियों ने निलंबन से संबंधित जारी प्रेस विज्ञप्ति में लिखा हुआ है कि इस मामले की जांच के लिए जो एसआईटी गठित की गई थी, उसे कुछ निर्देश दिए गए थे। जिसका पालन नहीं किया गया। जांच के क्रम में पुलिसकर्मी पीड़ित पक्ष को कमजोर करते हुए आरोपी को लाभ पहुंचाने के लिए काम कर रहे थे।

सभी पुलिसकर्मियों का आचरण संदेहास्पद लग रहा था। इतना ही नहीं, केस को कमजोर करने के लिए पुलिसकर्मियों ने आरोपी से पैसे लिए, उनके साथ पार्टी भी की। केस की गोपनियता भंग हुई। पुलिस की छवि धूमिल हुई। इन्हीं वजहों से उन्हें सस्पेंड किया गया है।
प्रेमी ही निकला प्रेमिका का हत्यारा
एसआईटी ने जांच के दौरान तकनीकी और मानवीय साक्ष्यों को खंगाला गया। मोबाइल कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और पूछताछ में यह बात सामने आई कि पुष्पा महतो पिछले करीब तीन वर्षों से दिनेश कुमार महतो के संपर्क में थी। जांच टीम ने संदेह के आधार पर दिनेश को हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ की, जिसमें उसने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। आरोपी ने बताया कि युवती उस पर लगातार शादी का दबाव बना रही थी, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान हो गया था। इसी वजह से उसने हत्या की साजिश रची।
चास कॉलेज के पीछे झाड़ियों में दिया घटना को अंजाम
आरोपी ने पुलिस को बताया कि 21 जुलाई, 2025 को पुष्पा चास कॉलेज में स्नातक में नामांकन कराने आई थी। पहले से बनाई गई योजना के तहत दिनेश भी वहां पहुंचा। उसे बातचीत के बहाने कॉलेज के पीछे करीब डेढ़ किलोमीटर दूर स्थित सुनसान झाड़ीदार इलाके में ले गया। वहां उसने चाकू से गोदकर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद शव को झाड़ियों में छिपा दिया और खून से सना चाकू रास्ते में फेंककर घर लौट आया।

पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने घटनास्थल से हत्या में प्रयुक्त चाकू, मृतका के कपड़े, सिर के बाल और शरीर के 19 हड्डियों के टुकड़े बरामद किए। इसके अलावा आरोपी के पास से चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।




