Last Updated on October 11, 2026 by Gopi Krishna Verma
DC रामनिवास यादव की फोटो व नाम का दुरुपयोग कर बनाई गई फेक प्रोफाइल, जिला प्रशासन ने सतर्कता बरतने की जारी की अपील

गिरिडीह। जिले में उपायुक्त (DC) रामनिवास यादव के नाम और पदनाम का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया आईडी बनाने और साइबर ठगी की कोशिश करने का एक गंभीर मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों द्वारा अधिकारी की तस्वीर और नाम का इस्तेमाल कर आम लोगों से ठगी और भ्रामक दुष्प्रचार किया जा रहा है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन, गिरिडीह ने कड़ा संज्ञान लिया है और स्पष्ट किया है कि फर्जी आईडी संचालित करने वाले दोषियों के विरुद्ध नियमानुसार कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

साइबर ठगी से बचने के लिए जिला प्रशासन की मुख्य हिदायतें:
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी है और किसी भी संदिग्ध संदेश पर बिना सत्यापन विश्वास न करने की अपील की है।
- सत्यापन के बिना लेन-देन न करें: किसी भी प्रशासनिक अधिकारी के नाम से पैसे की मांग या आर्थिक सहायता संबंधी संदेश मिलने पर संबंधित कार्यालय के आधिकारिक माध्यम से पुष्टि करें।
- गोपनीय जानकारी न शेयर करें: अपना OTP, UPI PIN या बैंक खाते से जुड़ी कोई भी संवेदनशील जानकारी किसी के साथ साझा न करें।
- संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें सूचना: फर्जी आईडी या साइबर ठगी के प्रयास का स्क्रीनशॉट और लिंक सुरक्षित रखकर तत्काल नजदीकी साइबर थाना या पुलिस स्टेशन में शिकायत करें।
- हेल्पलाइन नंबर 1930: साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (cybercrime.gov.in) पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
जिला प्रशासन की अपील: “सोशल मीडिया पर किसी भी वरिष्ठ अधिकारी के नाम से मिले संदेशों की सत्यता की जांच हमेशा आधिकारिक स्रोतों से ही करें। भ्रामक सूचनाओं और फर्जी प्रोफाइल से सतर्क रहें।”




