90 दिनों में हर हाल में करें लंबित म्यूटेशन का निष्पादन: डीसी

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Last Updated on May 20, 2026 by Gopi Krishna Verma

लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन, वाद सूची एवं आदेशों के ऑनलाइन अपलोड तथा शिकायतों के समयबद्ध निवारण पर विशेष जोर

गिरिडीह। जिला उपायुक्त रामनिवास यादव ने अपने कार्यालय प्रकोष्ठ में राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित विभिन्न योजनाओं एवं लंबित मामलों की समीक्षा बैठक आयोजित की।

बैठक में अंतर विभागीय भूमि हस्तांतरण, म्यूटेशन, म्यूटेशन अपील, भूमि सीमांकन, किराया संग्रह, परिशोधन, पीजी पोर्टल/सीपीजीआरएएमएस, ई-राजस्व न्यायालय (आरसीएमएस) सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई।समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने निर्देश दिया कि लंबित आवेदनों के निष्पादन हेतु विशेष कैंप आयोजित कर मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि निर्धारित समय सीमा के भीतर सभी म्यूटेशन आवेदनों का निष्पादन किया जाए तथा 90 दिनों से अधिक समय से लंबित मामलों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र निष्पादित किया जाए।

उपायुक्त ने भारत सरकार एवं राज्य सरकार के विभिन्न विभागों को भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित मामलों की अंचलवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में भूमि हस्तांतरण का कार्य लंबित है, वहां के संबंधित अंचलाधिकारी भूमि चिह्नित कर अविलंब प्रस्ताव उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें। उपायुक्त ने संबंधित अंचल अधिकारियों को विभिन्न विकास परियोजनाओं हेतु अधिग्रहित भूमि के म्यूटेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने का निर्देश भी दिया, ताकि विकास कार्यों में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो।

बैठक में उपायुक्त ने सभी अनुमंडल पदाधिकारियों को अपनी अदालती कार्रवाई नियमित रूप से संचालित करने का निर्देश देते हुए कहा कि लोगों के आवेदनों एवं वादों के निष्पादन की कार्रवाई नियमित रूप से संचालित की जाए तथा वाद सूची एवं आदेशों को ऑनलाइन अपलोड करना भी सुनिश्चित किया जाए। साथ ही विभिन्न शिकायत पोर्टलों पर प्राप्त मामलों के त्वरित एवं समयबद्ध निष्पादन का निर्देश दिया गया।

बैठक के दौरान उपायुक्त ने दुर्घटना में मृत्यु होने वाले लाभुकों को मिलने वाले लाभों की समीक्षा करते हुए हिट एंड रन मामलों की लंबित स्थिति पर भी विस्तृत चर्चा की। उन्होंने एक वर्ष के मामलों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को लंबित प्रकरणों के शीघ्र निष्पादन का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त ओलावृष्टि, बाढ़, राज्य विशेष आपदा एवं स्थानीय आपदा से संबंधित मामलों की विस्तृत समीक्षा की गई।

उपायुक्त ने आपदा प्रभावितों को त्वरित राहत उपलब्ध कराने एवं सभी मामलों में पारदर्शिता एवं संवेदनशीलता के साथ कार्य करने का निर्देश दिया। वहीं वित्तीय वर्ष 2025-26 के सभी थाना स्तर के अभिलेखों एवं रिकॉर्ड की भी समीक्षा की गई तथा आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया।

बैठक में अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी अंचलाधिकारी, जिला अवर निबंधक, सभी अवर निबंधक समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।

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