Last Updated on October 12, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। झारखंड योगासना स्पोर्ट के तत्वावधान में जमशेदपुर के गोलमुरी स्थित मिथिला संस्कृति परिषद में द्वितीय राज्य स्तरीय पैरा योगासना स्पोर्ट प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में राज्यभर के 150 दिव्यांग बच्चों ने अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया, जिसमें गिरिडीह जिले के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए दो पदक अपने नाम किए।
प्रतियोगिता की मुख्य बातें
- रजत पदक: सूरज कुमार (गिरिडीह)
- कांस्य पदक: आयुष कुमार (गिरिडीह)
- कुल प्रतिभागी: राज्यभर से 150 दिव्यांग बच्चे
- गिरिडीह से प्रतिभागी: आयुष कुमार, सूरज कुमार, विकास किस्कु और पीयूष यादव
ऐतिहासिक उपलब्धि
जिला योगासना स्पोर्ट संघ के महासचिव सह टीम कोच अमित स्वर्णकार ने बताया कि गिरिडीह जिले के लिए यह एक ऐतिहासिक क्षण है। गिरिडीह से पहली बार विकलांग श्रेणी के बच्चों ने किसी खेल में राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लिया और पदक जीतकर जिले का नाम रोशन किया।
चूंकि ये बच्चे सुन और बोल नहीं सकते, इसलिए इन्हें प्रशिक्षित करना एक नई और चुनौतीपूर्ण चुनौती थी। महासचिव ने इसके लिए अपने साथी कोच दयानंद जायसवाल के सहयोग की विशेष सराहना की, जिनके संयुक्त प्रशिक्षण से यह सफलता संभव हो सकी। इसके अलावा, मूक बधिर विद्यालय के शिक्षक सह टीम मैनेजर नीरज कुमार और विद्यालय के सचिव का भी आभार व्यक्त किया गया, जिन्होंने बच्चों को प्रशिक्षण और प्रतियोगिता में शामिल होने की अनुमति दी।
जिला संघ का सहयोग और प्रोत्साहन
जिला अध्यक्ष संतोष शर्मा ने जानकारी दी कि इन बच्चों के जमशेदपुर आने-जाने और प्रतियोगिता में भाग लेने का सारा खर्च जिला संघ द्वारा वहन किया गया था। प्रतियोगिता में मेडल जीतने वाले सूरज और आयुष के अलावा, अन्य खिलाड़ियों के बेहतरीन प्रदर्शन के लिए आयोजन समिति द्वारा सभी को मेडल देकर सम्मानित किया गया और उनका हौसला बढ़ाया गया।
शुभकामनाएँ
बच्चों की इस अभूतपूर्व सफलता पर गिरिडीह जिला योगासना स्पोर्ट संघ के मुख्य संरक्षक राजेश जालान उर्फ फैंटा जालान, अध्यक्ष संतोष शर्मा, उपाध्यक्ष पुष्पा शक्ति सहित संघ के सभी पदाधिकारियों ने हर्ष व्यक्त किया है और सभी खिलाड़ियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।




