मुख्यमंत्री ने गिरिडीह को ₹639.20 करोड़ की दी सौगात, पीरटांड़ में मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना का किया शिलान्यास

Last Updated on March 10, 2024 by Gopi Krishna Verma 8,531 हेक्टर भूमि होगी सिंचित। पीरटांड़ प्रखंड़ के कुम्हरलालो, भरती चलकरी, चिरकी, मधुबन, बांध, चिलगा, पालगंज, नावाडीह, विशनपुर, खरपोका, सिमराकोड़ी, हरलाडीह, मंडरो, खुखरा, तुइओ, बंदगांव एवं कुडको सहित 17 पंचायत के लोगों को मिलेगा लाभ गिरिडीह। रविवार को मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने गिरिडीह के पीरटांड़…

Last Updated on March 10, 2024 by Gopi Krishna Verma

8,531 हेक्टर भूमि होगी सिंचित। पीरटांड़ प्रखंड़ के कुम्हरलालो, भरती चलकरी, चिरकी, मधुबन, बांध, चिलगा, पालगंज, नावाडीह, विशनपुर, खरपोका, सिमराकोड़ी, हरलाडीह, मंडरो, खुखरा, तुइओ, बंदगांव एवं कुडको सहित 17 पंचायत के लोगों को मिलेगा लाभ

गिरिडीह। रविवार को मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने गिरिडीह के पीरटांड़ में मेगा लिफ्ट सिंचाई परियोजना का शिलान्यास किया। योजना का क्रियान्वयन दामोदर-बराकर बेसिन अंतर्गत कुम्हरलालो पंचायत अंतर्गत दुधनिया ग्राम के समीप बराकर नदी पर एक वीयर/बराज का निर्माण किया जाएगा एवं पम्प मोटर से जल पाईपलाईन के माध्यम से चिन्हित क्षेत्र में चकवार सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराया जाएगा। योजना का कार्य 3 (तीन) वर्ष में पूर्ण करने का लक्ष्य रखा गया है।

हर खेत में पानी पहुंचाने की दिशा में आगे बढ़ रही राज्य सरकार: चंपई सोरेन

कार्यक्रम स्थल पर लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि उनकी सरकार जन आकांक्षाओं के अनुरूप राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं को घर-घर तक पहुंचाने का कार्य कर रही है। राज्य सरकार झारखंड़ के छोटे-बड़े किसानों के खेतों तक सिंचाई हेतु पानी पहुंचने के लिए कृत संकल्पित है। “पीरटांड़ मेगा लिफ्ट सिंचाई योजना” एक महत्वपूर्ण योजना है, जिसका आज यहा शिलान्यास हो रहा है। इस योजना का लाभ मिलने से यहां के किसान भाइयों की आर्थिक स्थिति में सुधार लाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के आदिवासी, मूलवासी, किसान, मजदूर, दलित, पिछड़ा, अल्पसंख्यक सहित सभी वर्ग-समुदाय के लोगों को अपने पैरों पर खड़ा करने की दिशा में योजनाबद्ध तरीके से कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड़ खनिज संपदाओं वाला प्रदेश है; परंतु यहां की खनिज संपदाओं का उपयोग झारखंड के लोगों के उत्थान के लिए आज तक नहीं किया जा सका है। झारखंड़ की खनिज संपदाओं का लाभ दूसरे प्रदेश के लोगों ने उठाया है। झारखंड़ के संसाधनों से दूसरे राज्यों ने अपनी चमक बिखेरी है।

कहा पूर्व की सरकारों ने झारखंड़ प्रदेश के किसान भाईयों के खेतों में सिंचाई के लिए एक मीटर पाइपलाइन भी बिछाने का कार्य नहीं किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार यहां के कृषक परिवारों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए पाइपलाइन के माध्यम से किसानों के खेतों तक पानी पहुंचाने का कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि झारखंड़ में किसान साल भर में तीन फसल की उपज कर सके यह हमारा लक्ष्य है। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिडीह झारखंड़ आंदोलन की धरती रही है। दिशोम गुरु शिबू सोरेन ने इसी धरती से झारखंड़ आंदोलन को धार देने का काम किया था। मुख्यमंत्री ने कहा कि गिरिडीह की भूमि से मुझे भी बहुत लगाव है, यही कारण है कि राज्य की बागडोर संभालने के चंद दिनों में ही मैं कई बार गिरिडीह दौरे पर रहा हूं। मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाले दिनों में गिरिडीह जिला का पीरटांड़ क्षेत्र आदर्श क्षेत्र के रूप में विकसित होगा। गिरिडीह कोयला क्षेत्र तथा औद्योगिक संस्थानों वाला क्षेत्र रहा है; परंतु विडंबना है कि इसी जिला से सबसे ज्यादा लोग पलायन करने को मजबूर हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि कोरोना संक्रमण के समय हेमन्त की सरकार ने गिरिडीह जिला के सभी प्रवासी मजदूरों को वापस घर लाने का कार्य किया था। उनकी सरकार ने जीवन तथा जीविका को बचाने का एक सफल प्रयास के साथ-साथ देशभर में एक बेहतर हेल्थ मैनेजमेंट का उदाहरण पेश किया था।

हर खेत में पहुंचाएंगे पानी: मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि लघु-मध्यम सभी वर्ग के कृषकों के खेत में पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचाने का कार्य उनकी सरकार कर रही है। इस राज्य के खेत ऊपर-नीचे तथा असमतल प्रवृत्ति के हैं। यहां के खेतों पर पाइपलाइन के माध्यम से ही पानी पहुंचाई जा सकती है। पाइपलाइन के माध्यम से पानी पहुंचने पर खेतों को कोई क्षति भी नहीं पहुंचेगी। गिरिडीह में डीवीसी जैसा प्रोजेक्ट पुराने जमाने से चल रहा है। गिरिडीह के विस्थापितों को आज तक कोई लाभ नहीं पहुंचा।

मुख्यमंत्री ने उपस्थित सभी लोगों से अपील किया कि आप सभी लोग झारखंड के माटी के पुत्र हैं। हम सभी लोगों को आपस में मिलजुल कर झारखंड को संवारना है। ग्रामीण क्षेत्रों में आज भी लोगों की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है। यहां की सामाजिक, आर्थिक और शैक्षणिक व्यवस्थाओं को सुधारने के लिए राज्य सरकार निरंतर प्रयासरत है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के 20 लाख आवासविहीन जरूरतमंद पात्र लोगों को अबुआ आवास योजना का लाभ देने के लिए प्रतिबद्ध है। अबुआ आवास योजना के प्रथम फेज में चयनित लाभुकों को डीबीटी के माध्यम से प्रथम किस्त की राशि भेजी जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने कहा कि हेमंत की सरकार ने बुनियादी व्यवस्थाओं को मजबूत करने के उद्देश्य से जिन योजनाओं को स्वीकृति दी थी। उन योजनाओं को वर्तमान राज्य सरकार धरातल पर उतार रही है। राज्य के भीतर 15 हजार किलोमीटर सड़क निर्माण का कार्य प्रगति पर है।

इस अवसर पर मंत्री बसन्त सोरेन, विधायक सुदिव्य कुमार, विधायक इरफान अंसारी, पूर्व विधायक जयप्रकाश वर्मा, प्रधान सचिव पथ निर्माण विभाग सुनील कुमार, जल संसाधन विभाग के सचिव प्रशांत कुमार, मुख्यमंत्री के सचिव अरवा राजकमल सहित जिले के उपायुक्त समेत जिला प्रशासन के अन्य पदाधिकारी मौजूद थे।

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Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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