धनवार के सरकारी अनाज गोदाम से 8300 क्विंटल खाद्यान्न गायब, एजीएम और एमओ पर प्राथमिकी की मांग
Last Updated on November 8, 2026 by Gopi Krishna Verma
भौतिक सत्यापन में गोदाम का स्टॉक शून्य, कागजों में अनाज का आवंटन और उठाव भी संदेह के घेरे में; जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने धनवार थाने में दिया आवेदन

गिरिडीह। सरकारी खाद्यान्न के भंडारण और वितरण में बड़े गड़बड़झाले का मामला सामने आया है। धनवार स्थित सरकारी खाद्यान्न गोदाम से करीब 8300 क्विंटल सरकारी अनाज गायब होने का आरोप लगा है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जिला आपूर्ति पदाधिकारी तेज कुमार हस्सा ने गोदाम के प्रभारी सहायक गोदाम प्रबंधक जय प्रकाश शर्मा और प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी श्रीकांत रजवार के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने के लिए धनवार थाने में आवेदन दिया है।

भौतिक सत्यापन में खुली अनाज गायब होने की पोल
मामले का खुलासा झारखंड राज्य खाद्य निगम के प्रबंध निदेशक रंजीत टोप्पो और जिला आपूर्ति पदाधिकारी के औचक निरीक्षण के दौरान हुआ। जांच के क्रम में ग्रीन कार्ड योजना के तहत गोदाम में उपलब्ध होना चाहिए था हजारों क्विंटल अनाज, लेकिन भौतिक सत्यापन में संबंधित मद का स्टॉक शून्य मिला।
जांच में गोदाम की आवक, निर्गत और भंडार पंजी भी अपडेट नहीं पाई गई। वहीं, गोदाम की एंट्री बुक में भारी अंतर और रजिस्टरों के अद्यतन नहीं होने पर अधिकारियों ने नाराजगी जताई।

अधिकारियों से मांगा गया था स्पष्टीकरण
निरीक्षण के दौरान सामने आई अनियमितताओं को लेकर अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, दोनों अधिकारियों की ओर से दिए गए जवाब को प्रशासन ने संतोषजनक नहीं माना। इसके बाद डीसी के निर्देश पर जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने धनवार थाने में आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की है।
कागजों में अनाज, जमीन पर स्टॉक शून्य
जांच रिपोर्ट के अनुसार, खरीफ विपणन मौसम 2025-26 के तहत JSFSS (ग्रीन कार्ड) मद में प्राप्त और निर्गत सीएमआर के आंकड़ों के आधार पर गोदाम में 8,000 क्विंटल से अधिक अनाज शेष होना चाहिए था। इसके विपरीत भौतिक जांच में स्टॉक शून्य मिला। इससे सरकारी खाद्यान्न के भंडारण और वितरण की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

डीएसडी के आंकड़ों में भी अंतर
जांच के दौरान डोर-स्टेप डिलीवरी के ऑनलाइन आंकड़ों में भी आवंटन और उठाव के बीच अंतर पाया गया। अक्टूबर 2026 में 581.005 क्विंटल आवंटन के मुकाबले पोर्टल पर 580.707 क्विंटल डीएसडी दर्ज हुआ। वहीं नवंबर 2026 में 168.315 क्विंटल आवंटन के विरुद्ध केवल 28.250 क्विंटल डीएसडी दर्ज किया गया।
फिलहाल मामले की जांच जारी है। जांच के बाद सरकारी अनाज की वास्तविक स्थिति, गड़बड़ी की जिम्मेदारी और इसमें शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट होने की उम्मीद है।
