तीन वर्ष बाद 2026 से धरती से इंसानों का खात्मा शुरू

Last Updated on November 25, 2023 by Gopi Krishna Verma तीन वर्षों में दुनियां की आबादी होगी तीन गुनी कम एक नज़र: CENSUS: एक रिपोर्ट के दुनियां के लिए एक बहुत ही बुरी खबर है। दिनों-दिन बेहताश तेजी से बढ़ती आबादी कई देशों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। अब इसके विपरित आंकड़े…

Last Updated on November 25, 2023 by Gopi Krishna Verma

तीन वर्षों में दुनियां की आबादी होगी तीन गुनी कम

एक नज़र:

  • 2026 से तेज़ी से घटेगी आबादी 2326 तक रह जाएगी दुनियां की आबादी महज तीन करोड़।
  • मानव अस्तित्व पर मंडरा सकता है ख़तरा।
  • 2050 होगा जनसंख्या वृद्धि का अंतिम वर्ष।
  • अभी दुनियाभर का टीएफआर 2.1 है। 2026 में यह घटकर 2.0 हो जाएगा।

CENSUS: एक रिपोर्ट के दुनियां के लिए एक बहुत ही बुरी खबर है। दिनों-दिन बेहताश तेजी से बढ़ती आबादी कई देशों के लिए चिंता का विषय बन चुका है। अब इसके विपरित आंकड़े बता रहे हैं कि आबादी बढ़ने की रफ्तार धीमी हो गई है। आगे कुछ वर्षों में यह एकदम रुक जाएगी। इसके बाद आबादी घटनी शुरू हो जाएगी।

रिपोर्ट्स के मुताबिक आगामी 3 सालों में दुनियाभर की आबादी तीन गुनी तक कम हो जाएगी। यानी जो अभी 8 अरब है। वह घटकर दो अरब रह जाएगी। ऐसे में जब जनसंख्या कम होगी तो इकॉनमी भी सिकुड़ेगी। दुनियाभर को ये आंकड़े टेंशन दे रहे हैं।

2050 के होगी बढ़ती जनसंख्या का अंतिम वर्ष: जानकारों का कहना है कि 2050 तक दुनिया की आबादी पीक पर होगी। यह 10 अरब के आसपास हो सकती है। टेक्सास यूनिवर्सिटी के पॉपुलेशन रिसर्च सेंटर के डीन का कहना है कि आने वाली पीढ़ियां घटती हुई जनसंख्या देखेंगी। वहीं जानकारों का कहना है कि अभी दुनियाभर की टोटल फर्टिलिटी रिप्लेसमेंट (TFR) 2.1 है जो कि 2017 में घटकर 2.0 हो जाएगा। इसका मतलब है कि माता-पिता पर बच्चों की संख्या औसतन दो ही रह जाएगी। अभी यह थोड़ी ज्यादा है।

खतरे में इंसानों का अस्तित्व: बहुत सारी बड़ी अर्थव्यवस्थाओं का टीएफआर पहले ही 2.0 से नीचे आ चुका है। भारत का ही टीएफआर 1.8 है। इसके हिसाब से ही देशों में बुजुर्गों की संख्या भी बढ़ने लगेगी। भारत की औसत आयु फिलहाल 28 साल है। ऐसे में भारत में युवाओं आबादी ज्यादा है, लेकिन 2048 तक यह बढ़कर 40 साल होने वाली है। इस हिसाब से दुनियाभर में बड़ा बदलाव शुरू हो चुका है। जो इंसानों की अस्तित्व के लिए खतरे की घंटी भी हो सकता है।

अगले तीन सौ वर्षों में दुनियां की आबादी होगी दो अरब: फिलहाल दुनियाभर का टीएफआर 2.1 है। 2026 में यह घटकर 2.0 हो जाएगा। वहीं 2081 में यह 1.4 हो सकता है। इस हिसाब से देखें तो अगले 300 सालों में दुनियाभर की आबादी सिर्फ 2 अरब रह जाएगी। 2026 एक लैंडमार्क इयर की तरह है। कई बड़े देश पहले से ही रिप्लेसमेंट लेवल से नीचे हैं। 5करोड़ की जनसंख्या से ज्यादा वाले 29 देशों में टीएफआर 2.1 से नीचे आ गया है। भारत, चीन, अमेरिका को जनसंख्या के हिसाब से सबसे बड़ा आंका जाता है। इनमें रिप्लेसमेंट लेवल 2.1 से कम है। बांग्लादेश और विएतनाम के टीएफआर 1.7, फ्रांस का 1.5, कोलंबिया, ईरान, यूएस और ब्राजील का 1.4, इटली का 1.0 है।

About Author

About the Author

Gopi Krishna Verma

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News

View All

About the editor

Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports

You May Have Missed