गिरिडीह में जलसहिया महासम्मेलन, 5 सूत्री मांगों को लेकर सरकार पर बरसे संघ के पदाधिकारी
Last Updated on November 4, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। किरण पब्लिक स्कूल के मैदान में झारखंड राज्य जलसहिया महिला कर्मचारी संघ, जिला शाखा गिरिडीह की एक महत्वपूर्ण बैठक जिलाध्यक्ष दिव्या देवी की अध्यक्षता में संपन्न हुई। बैठक में प्रदेश अध्यक्ष सितारा परवीन और मुख्य प्रदेश संरक्षक अशोक कुमार सिंह सहित जिले के सभी 13 प्रखंडों से सैकड़ों की संख्या में जलसहिया और मास्टर जलसहिया ने शिरकत की।
इस दौरान वक्ताओं ने राज्य सरकार की नीतियों के खिलाफ जमकर आक्रोश जताया और अपनी पांच सूत्री मांगों को लेकर आर-पार की लड़ाई का ऐलान किया।

जलसहिया संघ की 5 प्रमुख मांगें
- सम्मानजनक मानदेय: जलसहियाओं को वर्तमान अल्प मानदेय के स्थान पर सम्मानजनक मासिक भुगतान किया जाए और मास्टर जलसहिया का मानदेय कम से कम 12,000 रुपये निर्धारित किया जाए।
- सीधी नियुक्ति में प्राथमिकता: पेयजल एवं स्वच्छता विभाग में किसी भी पर्यवेक्षक, प्रोन्नति या जल मित्र मामलों में सीधी नियुक्ति के बजाय जलसहियाओं को प्राथमिकता दी जाए।
- भ्रष्टाचार मुक्त कार्यप्रणाली: ग्रामीण स्तर पर चल रही योजनाओं में मुखिया के साथ ग्रामवार वेंडर और जलसहिया को कार्य हेतु प्राधिकृत किया जाए। ‘एक मुखिया, एक वेंडर और एक जलसहिया’ के निर्णय को संघ ने भ्रष्टाचार की साजिश बताते हुए इसे तुरंत रद्द करने की मांग की।
- शहरी क्षेत्रों में समायोजन: शहरी क्षेत्र घोषित होने के कारण जिन ग्रामीण जलसहियाओं की छंटनी हुई है, उन्हें शहरी वार्डों में पुनः समायोजित किया जाए।
- बीमा सुरक्षा: जलसहिया की नियुक्ति नियमावली लागू करते हुए कार्य के दौरान दुर्घटनाग्रस्त होने पर 5 लाख रुपये का बीमा प्रदान किया जाए।

सरकार के दोहरे रवैये पर भड़के अशोक कुमार सिंह
बैठक को संबोधित करते हुए प्रदेश मुख्य संरक्षक अशोक कुमार सिंह ने राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि सरकार जलसहियाओं के प्रति पूरी तरह उदासीन और उपेक्षापूर्ण रवैया अपना रही है।
उन्होंने सवाल उठाया कि जहां एक ओर विभिन्न योजनाओं के तहत महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, वहीं जमीनी स्तर पर दिन-रात मेहनत करने वाली जलसहियाओं और मास्टर जलसहियाओं को मात्र 2000 रुपये मासिक मानदेय दिया जा रहा है, जो अत्यंत लज्जाजनक है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जलसहियाओं का आर्थिक शोषण बंद नहीं हुआ, तो आने वाले समय में इसका कड़ा राजनीतिक परिणाम भुगतना पड़ेगा।

20 नवंबर को होगी निर्णायक घोषणा
प्रदेश अध्यक्ष सितारा परवीन के आग्रह पर बैठक में एक अहम निर्णय लिया गया। इसके तहत 20 नवंबर 2026 को गिरिडीह में जिले भर की सभी जलसहिया एकजुट होकर एक बड़ा और निर्णायक आंदोलन का ऐलान करेंगी। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि जलसहियाओं का आर्थिक शोषण अब किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रमुख उपस्थिति
बैठक में जिला मंत्री सरिता देवी, सदर प्रखंड अध्यक्ष पूनम पांडे, सुनीता देवी, नीतू देवी, सोनी देवी, सीमा देवी, रामेश्वर राय, संगीता देवी, पिंकी कुमारी, पार्वती देवी सहित पीरटांड, डुमरी, गांडेय, जमुआ, तिसरी, बगोदर, और धनवार समेत कुल 13 प्रखंडों की जलसहिया और मास्टर जलसहिया उपस्थित रहीं।
