Last Updated on October 1, 2026 by Gopi Krishna Verma
● नशा मुक्त समाज के निर्माण में सामूहिक सहभागिता जरूरी: उपायुक्त रामनिवास यादव
● जिला प्रशासन ने युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के लिए जन-जन से की अपील

गिरिडीह। नशा मुक्त समाज के निर्माण और युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों से बचाने के उद्देश्य से आज समाहरणालय सभागार में ‘नशा मुक्त अभियान’ के तहत एक भव्य शपथ ग्रहण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने समाहरणालय के वरीय पदाधिकारियों, अधिकारियों एवं कर्मियों को नशा मुक्त समाज के निर्माण की शपथ दिलाई।
नशा केवल व्यक्ति को ही नहीं, पूरे परिवार व समाज को करता है प्रभावित: उपायुक्त
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि नशा केवल एक व्यक्ति के स्वास्थ्य को ही नुकसान नहीं पहुँचाता, बल्कि इसका गंभीर असर उसके पूरे परिवार, समाज और आने वाली पीढ़ियों पर भी पड़ता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि नशे के खिलाफ जंग केवल प्रशासन का काम नहीं है, बल्कि प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह लोगों को इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करे।

उपायुक्त ने कहा:
“नशा मुक्त समाज का संकल्प केवल एक दिन का औपचारिक कार्यक्रम न रहकर हमारे दैनिक व्यवहार और सामाजिक जिम्मेदारी का स्थायी हिस्सा बनना चाहिए। विशेष रूप से युवाओं को नशे की गर्त से बचाने के लिए निरंतर जागरूकता, संवाद और सकारात्मक गतिविधियों को बढ़ावा देने की अत्यंत आवश्यकता है।”
स्वस्थ व सुरक्षित समाज के लिए सक्रिय योगदान का लिया संकल्प
शपथ ग्रहण के दौरान उपस्थित अधिकारियों और कर्मचारियों ने संकल्प लिया कि:
- वे स्वयं कभी किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन नहीं करेंगे।
- अपने आसपास के लोगों को भी नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करेंगे।
- एक स्वस्थ, सुरक्षित और नशा मुक्त समाज के निर्माण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएंगे।
जिला प्रशासन की आमजनों से अपील
कार्यक्रम के अंत में जिला प्रशासन की ओर से आम जनता से भी अपील की गई कि वे नशे के विरुद्ध इस लड़ाई में सामूहिक प्रयासों को मजबूत करें। युवाओं को सही दिशा में प्रेरित करते हुए “नशा मुक्त जीवन—स्वस्थ समाज” के संदेश को घर-घर तक पहुँचाने में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करें।




