Last Updated on September 29, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। जिले में उद्यमिता, स्टार्टअप्स और MSME क्षेत्र को बढ़ावा देने के उद्देश्य से मंगलवार को समाहरणालय सभागार में जिला उद्योग केंद्र (DIC) के तत्वावधान में ‘TEJAS’ पहल के तहत एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ उपायुक्त रामनिवास यादव, पूर्वी वन प्रमंडल पदाधिकारी मनीष तिवारी, उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, सहायक समाहर्ता यश कुमार, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी अंजना भारती और जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया।
स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन प्रशासन की प्राथमिकता: उपायुक्त
कार्यशाला को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि गिरिडीह में उद्यमिता और MSME क्षेत्र को मजबूत करने के लिए उद्यमियों तक सरकारी योजनाओं, वित्तीय सहायता, तकनीकी सहयोग और प्रशिक्षण की सही जानकारी समय पर पहुँचना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर बढ़ाने और युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने में उद्यमिता की अहम भूमिका है। उपायुक्त ने संबंधित विभागों को आपसी समन्वय बनाकर उद्यमियों की समस्याओं का त्वरित समाधान करने का निर्देश दिया और युवाओं से सरकारी योजनाओं का लाभ उठाकर नए उद्यम स्थापित करने की अपील की।
ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं MSME: उप विकास आयुक्त
उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने कहा कि ग्रामीण और स्थानीय अर्थव्यवस्था को सशक्त बनाने में छोटे उद्योगों और MSME का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा कि उद्यमियों को केवल योजनाओं की जानकारी ही नहीं, बल्कि आवेदन प्रक्रिया, दस्तावेज, प्रशिक्षण, वित्तीय मदद और बाजार (मार्केट लिंकेज) से जुड़ने की पूरी प्रक्रिया में सहयोग मिलना चाहिए।
विशेषज्ञों ने दी स्टार्टअप नीतियों और फंडिंग की जानकारी
कार्यशाला के दौरान विशेषज्ञों और प्रतिनिधियों ने कई विषयों पर विस्तृत जानकारी दी:
- DPIIT एवं Startup India: प्रतिनिधियों ने स्टार्टअप पंजीकरण, नीतिगत लाभ, इनोवेशन, पेटेंट/बौद्धिक संपदा अधिकार, इनक्यूबेशन, मेंटरशिप और फंडिंग के अवसरों के बारे में जानकारी दी।
- JIIDCO (रांची): संस्था के प्रतिनिधि विकास कुमार ने झारखंड सरकार की स्टार्टअप और MSME नीतियों, प्रोत्साहन योजनाओं, तकनीकी उन्नयन, कौशल विकास और संस्थागत सहयोग पर प्रेजेंटेशन दिया।
उद्यमियों ने सीधे संवाद कर दूर की शंकाएं
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित उद्यमियों और युवाओं को अधिकारियों और विशेषज्ञों के साथ सीधे संवाद करने का अवसर मिला। प्रतिभागियों ने पंजीकरण, वित्तीय मदद और MSME योजनाओं से जुड़े अपने प्रश्न पूछे, जिनका समाधान विशेषज्ञों द्वारा मौके पर ही किया गया।
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड के अविनाश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन किया। जिला प्रशासन ने दोहराया कि ‘TEJAS’ पहल के माध्यम से जिले में नए उद्योगों और स्टार्टअप्स को हर संभव संस्थागत सहयोग दिया जाता रहेगा।




