मतदाता सूची पुनरीक्षण में फर्जीवाड़े पर CEO सख्त: डुमरी CO को नोटिस, 3 दिन में मांगा जवाब

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Last Updated on September 17, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। झारखंड में चल रहे मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान नियमों को ताक पर रखकर फर्जी residential certificate (आवासीय प्रमाण-पत्र) जारी करने का बड़ा मामला सामने आया है। राज्य के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी (CEO) के. रवि कुमार ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए हुई समीक्षा बैठक में इस गड़बड़ी को पकड़ते हुए कड़ा रुख अपनाया है।

नियमों की अनदेखी पर गाज

  • गिरिडीह का मामला: गिरिडीह जिले के डुमरी अंचल कार्यालय से नियमों के खिलाफ जाकर एक आवासीय प्रमाण-पत्र जारी किया गया था।
  • 3 दिन में स्पष्टीकरण: CEO ने डुमरी CO (अंचल अधिकारी) को 3 दिनों के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया है कि उन्होंने सरकारी प्रक्रिया से अलग हटकर नया प्रपत्र क्यों इस्तेमाल किया।
  • सक्षम अधिकारी की अनुमति: मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने पूछा है कि क्या नियमों के विपरीत प्रपत्र का उपयोग करने के लिए किसी सक्षम अधिकारी से मंजूरी ली गई थी?
  • सत्यापन की जांच: यह भी जांच का विषय है कि प्रमाणपत्र जारी करने से पहले वंशावली/पारिवारिक सूची तैयार करने और उसके सही सत्यापन की तय प्रक्रिया का पालन हुआ था या नहीं।

5 दिनों के भीतर सख्त कार्रवाई के निर्देश

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने स्पष्ट कर दिया है कि केंद्र व राज्य सरकार द्वारा निर्धारित प्रक्रिया से हटकर जारी किए गए किसी भी दस्तावेज को मान्य नहीं माना जाएगा। यदि जांच में नियम-विरुद्ध प्रमाण-पत्र जारी करने की पुष्टि होती है, तो संबंधित अधिकारियों व कर्मचारियों पर सीधी कार्रवाई करते हुए 5 दिनों के भीतर रिपोर्ट सौंपनी होगी। CEO ने गिरिडीह के जिला निर्वाचन पदाधिकारी को इस पूरे मामले की त्वरित जांच और सख्त कदम उठाने का आदेश दिया है।

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