Last Updated on September 12, 2026 by Gopi Krishna Verma
बदवारा के मुरगमी, मोतीलेदा के सिजुआ, ताराटांड़ के बड़ियांबाद के है संबंधित अभ्यर्थी

गिरिडीह। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC CGL) परीक्षा में हुई कथित धांधली व पेपर लीक मामले में अपराध अनुसंधान विभाग (CID) ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जांच एजेंसी ने गिरिडीह जिले के बेंगाबाद प्रखंड अंतर्गत चार सफल अभ्यर्थियों को औपचारिक नोटिस तामील कराकर स्पष्टीकरण मांगा है।
सीआईडी ने बेंगाबाद थाना पुलिस के सहयोग से दो दिन पूर्व क्षेत्र के विभिन्न गांवों—मोतीलेदा के सिजुआ, ताराटांड़ पंचायत के बड़ियाबाद और बदवारा पंचायत के मुरगुमी सहित एक अन्य स्थान—पर दबिश देकर अभ्यर्थियों के परिजनों को नोटिस सौंपा। हालांकि, इस संवेदनशील मामले को लेकर स्थानीय पुलिस फिलहाल आधिकारिक तौर पर बयान देने से बच रही है।

समीर उर्फ शालू की गिरफ्तारी के बाद बढ़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार, पेपर लीक कांड में बेंगाबाद के आरोपी समीर उर्फ शालू की गिरफ्तारी के बाद सीआईडी को कई अहम सुराग मिले थे। इसी कड़ी में आगे की कड़ियों को जोड़ते हुए जांच टीम ने इन अभ्यर्थियों को समन भेजा है।
सीआईडी के रडार पर बेंगाबाद क्षेत्र, 20 अन्य अभ्यर्थियों पर संशय
सीआईडी की विशेष नजर इस समय बेंगाबाद थाना क्षेत्र पर टिकी हुई है।
- बढ़ता दायरा: जांच से जुड़े सूत्रों का दावा है कि बेंगाबाद क्षेत्र के विभिन्न गांवों से करीब 20 ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनकी भूमिका या संलिप्तता इस पूरे मामले में संदिग्ध पाई जा रही है।
- मास्टरमाइंड का कनेक्शन: पेपर लीक के कथित मास्टरमाइंड अभय तिवारी उर्फ मनोज तिवारी के बेंगाबाद स्थित ससुराल में पूर्व में हुई छापेमारी के बाद से ही जांच एजेंसी इस क्षेत्र में लगातार सक्रिय है।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ रही है, फर्जीवाड़े और धांधली की कड़ियां खुलती जा रही हैं। सीआईडी की इस ताबड़तोड़ कार्रवाई से क्षेत्र के अन्य संदिग्ध अभ्यर्थियों और दलालों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। आने वाले दिनों में इस मामले में कुछ और बड़ी गिरफ्तारियों व कड़ी कानूनी कार्रवाई की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।




