Last Updated on September 6, 2026 by Gopi Krishna Verma
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और राज्यपाल ने पहुंचकर दी श्रद्धांजलि, शोकाकुल परिजनों को बंधाया ढांढस
एक नज़र:
- सुदीव्य कुमार सोनू के निधन से गिरिडीह गमगीन, श्रद्धांजलि देने पहुंचे सीएम हेमंत सोरेन नम आंखों से दी विदाई।
- सुदीव्य कुमार सोनू को श्रद्धांजलि देने गिरिडीह पहुंचे सीएम और राज्यपाल।
- सुदीव्य कुमार सोनू के निधन पर गिरिडीह में शोक, अंतिम दर्शन को उमड़े लोग।
- गिरिडीह पहुंच भावुक हुए हेमंत सोरेन, सुदीव्य कुमार सोनू को दी श्रद्धांजलि।
- झारखंड ने खोया अपना जनप्रतिनिधि, सुदीव्य कुमार सोनू के निधन पर शोक में डूबा गिरिडीह

गिरिडीह। मंत्री सुदीव्य कुमार सोनू के निधन से गिरिडीह समेत पूरे झारखंड में शोक की लहर है। दिवंगत मंत्री के अंतिम दर्शन एवं श्रद्धांजलि अर्पित करने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन, कल्पना सोरेन और राज्यपाल गिरिडीह पहुंचे। सभी ने पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि दी।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने दिवंगत मंत्री के पार्थिव शरीर पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया। इसके बाद उन्होंने शोकाकुल परिजनों से मुलाकात की और अपनी संवेदना व्यक्त की। मुख्यमंत्री ने कहा कि सुदीव्य कुमार सोनू का असमय निधन बेहद दुखद और अपूरणीय क्षति है। उनके निधन से राज्य ने एक कर्मठ राजनीतिक कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि खो दिया है।
कल्पना सोरेन ने भी दिवंगत मंत्री को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर दुख की इस घड़ी में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिलाया। वहीं राज्यपाल ने पार्थिव शरीर पर पुष्पांजलि अर्पित करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की तथा परिवार के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की।

अंतिम दर्शन को उमड़े लोग
दिवंगत मंत्री के अंतिम दर्शन के लिए गिरिडीह में बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। राजनीतिक कार्यकर्ताओं के साथ आम लोगों की भी भीड़ जुटी रही। अपने नेता को अंतिम विदाई देने पहुंचे लोगों के चेहरे पर गम साफ नजर आया। कई लोग भावुक होकर उन्हें श्रद्धांजलि देते दिखाई दिए।
मंत्री के निधन की खबर फैलते ही उनके समर्थकों और शुभचिंतकों में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भी उनके निधन पर दुख व्यक्त किया।
प्रशासन ने किए व्यापक इंतजाम
मुख्यमंत्री, राज्यपाल और अन्य विशिष्ट लोगों के गिरिडीह पहुंचने को लेकर प्रशासन की ओर से सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए। कार्यक्रम स्थल के आसपास पुलिस बल की तैनाती की गई। भीड़ को नियंत्रित करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए।
दिवंगत मंत्री के अंतिम दर्शन के दौरान गिरिडीह का माहौल पूरी तरह गमगीन रहा। लोगों ने नम आंखों से अपने नेता को अंतिम विदाई दी। उनके निधन को झारखंड की राजनीति के लिए बड़ी क्षति बताते हुए लोगों ने उनकी स्मृतियों को याद किया।




