Last Updated on August 8, 2026 by Gopi Krishna Verma
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, आधारभूत संरचना एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी किया निरीक्षण

गिरिडीह। उपायुक्त रामनिवास यादव ने आज गांडेय प्रखंड अंतर्गत संचालित नवोदय विद्यालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध शैक्षणिक, आधारभूत, आवासीय एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विस्तृत जायजा लिया तथा संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने विद्यालय की कक्षाओं का भ्रमण कर विद्यार्थियों से उनकी पढ़ाई, पाठ्यक्रम की प्रगति एवं आगामी परीक्षाओं की तैयारियों के संबंध में जानकारी ली। उन्होंने विद्यार्थियों से विद्यालय में उपलब्ध सुविधाओं तथा पढ़ाई के दौरान आने वाली समस्याओं के बारे में भी जानकारी प्राप्त की।
उपायुक्त ने शिक्षकों से भी शैक्षणिक गतिविधियों एवं विद्यार्थियों के शैक्षणिक प्रदर्शन से संबंधित जानकारी ली।उपायुक्त ने विद्यालय में बच्चों के रहने की व्यवस्था का भी अवलोकन किया। उन्होंने छात्रावास के कमरों, स्वच्छता, पेयजल, शौचालय, बिजली सहित विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्देश दिया कि विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित एवं सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराया जाए तथा आवासीय परिसर की साफ-सफाई एवं रख-रखाव पर विशेष ध्यान दिया जाए।

इसके अलावा उपायुक्त ने विद्यालय के किचेन शेड एवं भोजन व्यवस्था का निरीक्षण करते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध कराए जा रहे भोजन की गुणवत्ता, स्वच्छता एवं निर्धारित मानकों के अनुरूप भोजन तैयार किए जाने की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने संबंधित कर्मियों को भोजन की गुणवत्ता एवं स्वच्छता में किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरतने तथा विद्यार्थियों को पौष्टिक एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने का निर्देश दिया।
उपायुक्त ने विद्यालय परिसर की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, शौचालय, आधारभूत संरचना एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं का भी निरीक्षण किया। उन्होंने विद्यालय में उपलब्ध उपस्थिति पंजी, सामग्री पंजी एवं अन्य अभिलेखों की जांच करते हुए आवश्यक जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान उपायुक्त ने कहा कि विद्यालय में अध्ययनरत बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ-साथ बेहतर आवासीय सुविधा, पौष्टिक भोजन, स्वच्छ वातावरण एवं आवश्यक मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बच्चों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करने के लिए शैक्षणिक गुणवत्ता के साथ उनके स्वास्थ्य, स्वच्छता, अनुशासन एवं मानसिक व बौद्धिक विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जाना आवश्यक है।

उन्होंने संबंधित अधिकारियों एवं विद्यालय प्रबंधन को निर्देशित किया कि विद्यार्थियों से संबंधित किसी भी समस्या का संवेदनशीलता के साथ संज्ञान लेते हुए उसका यथाशीघ्र समाधान सुनिश्चित करें। साथ ही विद्यालय की सभी व्यवस्थाओं का नियमित अनुश्रवण करते हुए गुणवत्तापूर्ण एवं बेहतर शैक्षणिक वातावरण बनाए रखने की दिशा में आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। मौके पर सहायक समाहर्ता यश कुमार सहित विद्यालय प्रबंधन एवं अन्य संबंधित पदाधिकारी/कर्मी उपस्थित थे।




