Last Updated on July 21, 2026 by Gopi Krishna Verma
खाद्य सुरक्षा विभाग ने की त्वरित कार्रवाई; ग्रामीणों को किया गया जागरूक

गिरिडीह। जिले के गांडेय थाना क्षेत्र अंतर्गत झरघट्टा गांव में जंगली मशरूम खाने से एक ही परिवार के छह लोगों के बीमार होने की सूचना प्राप्त होते ही उपायुक्त रामनिवास यादव के निर्देशानुसार खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए संबंधित गांव का निरीक्षण किया तथा घटना की विस्तृत जांच की। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने झरघट्टा गांव स्थित दशरथ गोस्वामी के आवास पहुंचकर पूरे मामले की जानकारी ली।

जांच के दौरान बताया गया कि परिवार की एक सदस्य को पड़ोसी द्वारा पास के खेत में स्वतः उगे जंगली मशरूम दिए गए थे। मशरूम की सही पहचान किए बिना उसे सब्जी में मिलाकर बनाया गया, जिसे खाने के बाद परिवार के छह सदस्यों की तबीयत अचानक बिगड़ गई। सभी को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल, गिरिडीह में भर्ती कराया गया। चिकित्सकीय उपचार के उपरांत सभी की स्थिति सामान्य होने पर आज सुबह उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई तथा वर्तमान में सभी स्वस्थ हैं।
घटना के उपरांत खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने संबंधित खेत का निरीक्षण किया, जहां बड़ी मात्रा में जंगली मशरूम उगे हुए पाए गए। संभावित खतरे को देखते हुए टीम द्वारा तत्काल जंगली मशरूम को खेत से हटवाया गया, ताकि भविष्य में इस प्रकार की घटना की पुनरावृत्ति न हो। निरीक्षण के दौरान ग्रामीणों को जंगली एवं अपरिचित मशरूम का किसी भी परिस्थिति में सेवन नहीं करने की सख्त सलाह दी गई। उन्हें बताया गया कि बिना वैज्ञानिक पहचान के जंगली मशरूम का सेवन गंभीर खाद्य विषाक्तता (फूड पॉइजनिंग) का कारण बन सकता है, जिससे जान का भी खतरा उत्पन्न हो सकता है।

साथ ही, बरसात के मौसम में जलजनित एवं खाद्यजनित रोगों की रोकथाम के मद्देनजर ग्रामीणों को उबालकर या सुरक्षित पेयजल का ही उपयोग करने, भोजन की स्वच्छता बनाए रखने तथा किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या होने पर तत्काल निकटतम स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करने के लिए जागरूक किया गया। इस निरीक्षण एवं जागरूकता अभियान में खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी सुबीर रंजन (गिरिडीह-1) के नेतृत्व में आशुतोष चंद्र गहलौत, पूजा भगत, मनीष कुमार एवं वसीम अकरम शामिल थे।




