Last Updated on June 30, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश मार्तण्ड प्रताप मिश्रा एवं उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने आज सरिया एवं बिरनी प्रखंड का संयुक्त निरीक्षण कर प्रस्तावित अनुमंडलीय न्यायालय एवं अनुमंडलीय कारा के निर्माण हेतु चिन्हित स्थलों का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान संबंधित स्थलों की भौगोलिक स्थिति, भूमि की उपलब्धता, पहुंच मार्ग, आधारभूत सुविधाओं तथा निर्माण कार्य की व्यवहारिक संभावनाओं का गहन अवलोकन किया। साथ ही संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श कर आवश्यक तकनीकी एवं प्रशासनिक पहलुओं पर चर्चा की गई।

प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने भी निर्माण कार्य के लिए उपयुक्त एवं सभी आवश्यक मानकों को पूरा करने वाली भूमि के चयन पर बल देते हुए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक समन्वय के साथ आगे की कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त रामनिवास यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि न्यायिक अवसंरचना के विकास से जुड़ी सभी प्रक्रियाओं को निर्धारित मानकों के अनुरूप एवं समयबद्ध ढंग से आगे बढ़ाया जाए। उन्होंने कहा कि अनुमंडलीय न्यायालय एवं अनुमंडलीय कारा का निर्माण होने से आम नागरिकों को न्यायिक सेवाएं अधिक सुलभ होंगी, वहीं प्रशासनिक एवं न्यायिक कार्यों के संचालन में भी उल्लेखनीय सुविधा प्राप्त होगी।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया कि न्यायिक अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण एवं नागरिकों को बेहतर न्यायिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। निर्माण कार्य से संबंधित सभी आवश्यक प्रक्रियाओं को प्राथमिकता के आधार पर पूर्ण किया जाएगा। निरीक्षण के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारी एवं अन्य प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे।




