Last Updated on June 29, 2026 by Gopi Krishna Verma
म्यूटेशन से लेकर मनरेगा, पीएम कुसुम और भूमि हस्तांतरण तक सभी योजनाओं की गहन समीक्षा, अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने का निर्देश

गिरिडीह। समाहरणालय सभागार में जिला उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में सभी जिला स्तरीय पदाधिकारियों के साथ समन्वय-सह-समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में केंद्र एवं राज्य सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी एवं विकासात्मक योजनाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को योजनाओं का पारदर्शी, गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

उपायुक्त ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्य किसी भी परिस्थिति में प्रभावित नहीं होने चाहिए तथा योजनाओं के क्रियान्वयन एवं लाभुकों को लाभान्वित करने में किसी भी प्रकार की लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने सभी अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्र में नियमित निरीक्षण करने, योजनाओं की जमीनी प्रगति का सतत अनुश्रवण करने तथा विभागीय समन्वय के माध्यम से आने वाली समस्याओं का त्वरित समाधान सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
लंबित म्यूटेशन एवं भूमि हस्तांतरण मामलों का शीघ्र निष्पादन करें
राजस्व कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने सभी अंचलाधिकारियों को लंबित म्यूटेशन मामलों का त्वरित निष्पादन करने तथा तकनीकी समस्याओं का समाधान कर निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करने का निर्देश दिया। साथ ही श्रम, ऊर्जा, कल्याण एवं शिक्षा विभाग से संबंधित भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों का भी शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में पूर्ण पारदर्शिता एवं जवाबदेही बनाए रखें ताकि पात्र लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके।

आंगनबाड़ी केंद्र एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HSC) के लिए भूमि हस्तांतरण कार्य में तेजी लाने के निर्देश
आंगनबाड़ी केंद्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर (HSC) से संबंधित कार्यों की समीक्षा के दौरान उपायुक्त रामनिवास यादव ने सभी अंचलाधिकारियों को भूमि हस्तांतरण (लैंड ट्रांसफर) की लंबित प्रक्रियाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र पूर्ण करने का सख्त निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूमि हस्तांतरण में किसी भी प्रकार की अनावश्यक विलंबता विकास कार्यों को प्रभावित करती है, इसलिए सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए।
उपायुक्त ने निर्देश दिया कि संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित करते हुए सभी प्रक्रियाओं को समयबद्ध ढंग से पूरा करें, ताकि आंगनबाड़ी केंद्रों एवं हेल्थ एंड वेलनेस सेंटरों के निर्माण एवं संचालन में किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। उन्होंने स्पष्ट किया कि इन संस्थानों का उद्देश्य ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में महिलाओं, बच्चों और आम नागरिकों को बेहतर पोषण, स्वास्थ्य एवं आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना है, इसलिए लैंड ट्रांसफर से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। अनुश्रवण कर योजनाओं में तेजी लाने तथा निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप शत-प्रतिशत उपलब्धि सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।

अवैध विज्ञापन तत्काल हटाने एवं रिकवरी करने का निर्देश
नगर निगम क्षेत्र की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने नगर आयुक्त को बिजली के खंभों एवं सार्वजनिक स्थलों पर अवैध रूप से लगाए गए विज्ञापनों को तत्काल हटाने तथा संबंधित एजेंसियों से रिकवरी की कार्रवाई करने का निर्देश दिया। विशेष रूप से पचंबा रोड पर लगे अवैध विज्ञापनों को प्राथमिकता के आधार पर हटाने को कहा। साथ ही पुराने जेल परिसर में संचालित कार्यालयों को नगर निगम के पुराने भवन में स्थानांतरित करने के निर्देश दिए।
कृषि एवं पशुपालन योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित करें, अधिकाधिक किसानों व पशुपालकों तक पहुंचे योजनाओं का लाभ
कृषि विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त, श्री रामनिवास यादव ने प्रधानमंत्री कुसुम योजना, कृषि यंत्रीकरण योजना एवं सब्सिडी आधारित ट्रैक्टर वितरण योजना की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की।
उन्होंने जिला कृषि पदाधिकारी को निर्देश दिया कि इन योजनाओं का गांव-गांव तक व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिकाधिक किसान इन योजनाओं की जानकारी प्राप्त कर लाभ उठा सकें। उन्होंने कहा कि आधुनिक कृषि उपकरणों के उपयोग एवं सौर ऊर्जा आधारित सिंचाई व्यवस्था को बढ़ावा देकर किसानों की आय में वृद्धि एवं कृषि उत्पादन को सुदृढ़ बनाने की दिशा में प्रभावी पहल की जाए। वहीं पशुपालन एवं गव्य विकास विभाग की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि विभाग द्वारा संचालित सभी जनकल्याणकारी योजनाओं का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा पात्र पशुपालकों एवं दुग्ध उत्पादकों को योजनाओं से जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक लाभुकों तक समयबद्ध एवं पारदर्शी तरीके से पहुंचे, ताकि पशुपालन एवं डेयरी गतिविधियों को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ ग्रामीण आजीविका को भी सशक्त बनाया जा सके।
बैठक में अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी, सभी भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी कार्यपालक अभियंता, सभी अंचलाधिकारी, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।




