Last Updated on September 19, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। गिरिडीह पुलिस अधीक्षक (एसपी) की अध्यक्षता में शनिवार को कार्यालय स्थित सभागार में मासिक अपराध समीक्षा गोष्ठी का आयोजन किया गया। बैठक के दौरान जिले की समग्र कानून-व्यवस्था, लंबित मामलों की स्थिति, तकनीकी अनुसंधान (Technical Investigation) की प्रगति तथा सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में एसपी ने जिले के सभी अनुमण्डल पुलिस पदाधिकारियों (SDPO), पुलिस उपाधीक्षकों (DSP), अंचल पुलिस निरीक्षकों एवं थाना व ओपी प्रभारियों को स्पष्ट और कड़े निर्देश जारी किए।

समीक्षा बैठक के मुख्य निर्देश:
- लंबित कांडों का निष्पादन: एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को कड़ा निर्देश दिया कि निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण अनुसंधान सुनिश्चित करते हुए सभी लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करें।
- महिला सुरक्षा प्राथमिकता: महिला संबंधी अपराधों पर ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) की नीति अपनाने का निर्देश दिया गया। दर्ज मामलों की संवेदनशीलता से समीक्षा करते हुए अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई करने को कहा गया।
- वारंट, कुर्की और सत्यापन में तेजी: कोर्ट से निर्गत वारंट एवं कुर्की का शत-प्रतिशत निष्पादन समय पर पूरा करने का आदेश दिया गया। इसके अलावा, लंबित पासपोर्ट और चरित्र सत्यापन (Character Verification) के आवेदनों को प्राथमिकता के आधार पर बिना किसी विलंब के पूरा करने को कहा गया।
- सघन गश्ती व विशेष अभियान: जिले में रात्रि गश्ती (Night Patrolling) को प्रभावी बनाने, पेशेवर अपराधियों, वारंटियों और असामाजिक तत्वों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर शिकंजा कसने का निर्देश दिया गया।
- पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग: आम जनता की शिकायतों और विभिन्न आयोगों से प्राप्त पत्रों का त्वरित व निष्पक्ष निष्पादन करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को आम नागरिकों से शालीन व्यवहार करने और धरातल पर ‘पब्लिक फ्रेंडली पुलिसिंग’ सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
- फरार अपराधियों पर सख्ती: विभिन्न कांडों में वांछित/फरार और दागी अपराधियों के भौतिक सत्यापन के लिए विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया गया।
बैठक के समापन पर गिरिडीह पुलिस की ओर से दोहराया गया कि पुलिस आम नागरिकों की सुरक्षा, विधि-व्यवस्था बनाए रखने और न्याय प्रक्रिया को सुगम व तेज बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।




