Last Updated on July 8, 2026 by Gopi Krishna Verma
एक माह में दिखे ठोस प्रगति, योजनाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी: डीसी
ग्रामीण विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर उपायुक्त सख्त, ई-केवाईसी, जियो टैगिंग और लाभुक भुगतान में तेजी लाने के निर्देश

गिरिडीह। बुधवार को डीसी रामनिवास यादव ने समाहरणालय सभागार में VB-GRAM-G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) सहित विभिन्न ग्रामीण विकास योजनाओं की प्रखंडवार विस्तृत समीक्षा की।
बैठक में उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी, अपर समाहर्ता वैभव कुमार सिंह, IAS प्रशिक्षु, सभी प्रखंड विकास पदाधिकारी, परियोजना पदाधिकारी, जिला समन्वयक, सभी प्रखंड कार्यक्रम पदाधिकारी, सभी रोजगार सेवक सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी प्रखंड विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप आगामी एक माह के भीतर योजनाओं में उल्लेखनीय प्रगति सुनिश्चित करें। उन्होंने कहा कि ग्रामीण विकास से जुड़ी योजनाएं सरकार की प्राथमिकता में हैं। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही, अनावश्यक विलंब अथवा लक्ष्य से पीछे रहने की स्थिति स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी अधिकारी नियमित मॉनिटरिंग करते हुए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण कार्य सुनिश्चित करें।

बैठक में VB-GRAM-G के अंतर्गत जॉब कार्ड की अद्यतन स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी पात्र परिवारों के जॉब कार्ड का सत्यापन एवं अद्यतन कार्य प्राथमिकता के आधार पर पूरा किया जाए। साथ ही ई-केवाईसी (e-KYC) की लंबित मामलों को शत-प्रतिशत पूर्ण करने का निर्देश देते हुए कहा कि इसमें किसी प्रकार की शिथिलता नहीं बरती जाए। उन्होंने योजनाओं के अंतर्गत सृजित परिसंपत्तियों की जियो टैगिंग (Geo Tagging) की प्रगति की भी समीक्षा की तथा सभी परिसंपत्तियों का समय पर जियो टैग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने MIS एंट्री में तेजी लाने के निर्देश देते हुए कहा कि पोर्टल पर अद्यतन एवं शत-प्रतिशत डाटा प्रविष्टि से ही योजनाओं की वास्तविक प्रगति पर प्रभावी निगरानी संभव है।
बैठक में बिरसा सिंचाई कूप संवर्धन मिशन के अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने निर्देश दिया कि सभी स्वीकृत योजनाओं का समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए तथा प्रखंडों को उपलब्ध कराई गई राशि का प्रभावी एवं पारदर्शी उपयोग करते हुए निर्धारित अवधि में व्यय सुनिश्चित किया जाए, ताकि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिल सके।समीक्षा के दौरान आवास प्लस-2024, प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) 2024-25 एवं 2025-26 की प्रगति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। उपायुक्त ने लक्ष्य के अनुरूप कार्यों में तेजी लाने, स्वीकृत आवासों का समय पर निर्माण, लाभुकों को भुगतान में विलंब नहीं होने, तथा सभी चरणों की जियो टैगिंग समय पर पूर्ण करने के सख्त निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पात्र लाभुकों को योजनाओं का लाभ समय पर मिलना जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके अतिरिक्त अबुआ आवास योजना 2023-24 के अंतर्गत लंबित जियो टैगिंग मामलों पर नाराजगी व्यक्त करते हुए उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को सभी लंबित मामलों का शीघ्र निष्पादन करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि योजनाओं की प्रगति में तकनीकी एवं प्रशासनिक बाधाओं का तत्काल समाधान करते हुए कार्यों को गति दी जाए।

वहीं उप विकास आयुक्त स्मृता कुमारी ने VB-GRAM-G (विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन ग्रामीण) के व्यापक प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर देते हुए सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे अपने-अपने क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, मुखियाओं एवं पंचायत प्रतिनिधियों के साथ बैठक आयोजित कर योजना की जानकारी आम लोगों तक पहुंचाएं। उन्होंने विशेष रूप से “125 दिन का महाअभियान” को सफल बनाने के लिए सभी प्रखंडों को समन्वित एवं मिशन मोड में कार्य करने का निर्देश दिया। श्रमिकों को न्यूनतम ₹300 प्रतिदिन की मजदूरी सुनिश्चित करना।
उप विकास आयुक्त ने कहा कि इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीण परिवारों को रोजगार, आजीविका एवं विकास से जुड़ी योजनाओं का अधिकतम लाभ उपलब्ध कराना है। इसलिए सभी संबंधित अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों को समय पर प्राप्त करने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें तथा नियमित समीक्षा के माध्यम से प्रगति सुनिश्चित करें।




