Last Updated on September 8, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। नगर थाना क्षेत्र में एक छात्र के साथ कथित मारपीट के बाद अस्पताल पहुंचे छात्र प्रतिनिधियों और पीड़ित परिवार के साथ नगर थाना प्रभारी द्वारा कथित रूप से अभद्र व्यवहार और धमकी दिए जाने का मामला सामने आया है। घटना को लेकर छात्र संघ और पीड़ित परिवार ने पुलिस प्रशासन के रवैये पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
आजसू छात्र संघ के जिला अध्यक्ष अक्षय यादव ने आरोप लगाया कि वे कथित मारपीट में घायल छात्र का हालचाल जानने और उसकी मदद के लिए अस्पताल पहुंचे थे। इसी दौरान वहां मौजूद नगर थाना प्रभारी ने छात्र प्रतिनिधियों और पीड़ित के परिजनों के साथ कथित तौर पर गाली-गलौज की तथा उन्हें डराने-धमकाने का प्रयास किया।

अक्षय यादव ने कहा कि छात्र प्रतिनिधि के रूप में पीड़ित छात्र की मदद करना और उसका हाल जानना उनका सामाजिक दायित्व है। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस अधिकारी का इस तरह का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक है। उन्होंने कहा कि छात्र संघ किसी भी दबाव के आगे झुकने वाला नहीं है और छात्रों के हित तथा न्याय के लिए लोकतांत्रिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा।
मामले को लेकर छात्र संघ और पीड़ित परिवार ने झारखंड सरकार एवं गिरिडीह जिला प्रशासन से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। साथ ही अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच कर घटना की वास्तविकता सामने लाने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ उचित कानूनी एवं प्रशासनिक कार्रवाई की मांग की गई है।
फिलहाल मामले में पुलिस प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी।




