Last Updated on October 22, 2026 by Gopi Krishna Verma
गम्हारडीह गांव में दबंगों द्वारा एक परिवार पर हमले का सनसनीखेज मामला सामने आया है; आरोपियों पर चाकूबाजी, लूटपाट और गंभीर बदसलूकी का आरोप है

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले के देवरी थाना क्षेत्र से कानून-व्यवस्था को चुनौती देती एक गंभीर घटना सामने आई है। देवरी थाना क्षेत्र के गम्हारडीह गांव में कुछ दबंगों ने एक परिवार पर घर में घुसकर जानलेवा हमला, मारपीट, छेड़खानी, आगजनी और लूटपाट की घटना को अंजाम दिया है। इस संबंध में पीड़िता डोली कुमारी (पिता: संतोष राम) ने देवरी थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई है और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
क्या है पूरा मामला?
पीड़िता डोली कुमारी के अनुसार, यह घटनाक्रम दो दिनों तक चला:
- पहली चेतावनी (19 अक्टूबर 2026): घटना की शुरुआत 19 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे हुई, जब गांव के ही संदीप सिंह ने उनके घर में घुसकर गाली-गलौज की। उसने जातिसूचक शब्दों का प्रयोग करते हुए परिवार को धमकाया और ‘गुलाम बनकर रहने’ की चेतावनी दी।
- बड़ा हमला (21 अक्टूबर 2026): इसके ठीक अगले दिन, 21 अक्टूबर की सुबह करीब 9 बजे संदीप सिंह अपने कई अन्य साथियों—रामकृष्ण सिंह, प्रद्युम्न सिंह, प्रमोद सिंह, बंशकार सिंह, विक्की सिंह, खेंडू सिंह और बंशीधर सिंह (सभी निवासी गम्हारडीह)—के साथ मिलकर एकजुट होकर पीड़िता के घर पर धावा बोल दिया।
मारपीट, चाकूबाजी और छेड़खानी का खौफनाक मंजर
आवेदन में बताया गया है कि आरोपियों ने घर में घुसकर परिवार के सदस्यों के साथ बेहरहमी से मारपीट की:
- चाकू और टांगी से हमला: बंशकार सिंह ने पंकु राम को चाकू मारकर गंभीर रूप से लहूलुहान कर दिया। वहीं, रामकृष्ण सिंह ने टांगी के फल से फुलन देवी के चेहरे पर हमला कर दिया, जिससे वे गंभीर रूप से चोटिल हो गईं। इसके अलावा प्रद्युम्न सिंह ने मुद्रिका देवी की लात-घूंसों से पिटाई की।
- छेड़खानी और अर्धनग्न करने का प्रयास: जब पीड़िता डोली कुमारी अपने परिजनों को बचाने के लिए आगे आईं, तो संदीप सिंह ने बुरी नीयत से उन्हें पकड़ लिया, उनके कपड़े फाड़कर उन्हें अर्धनग्न करने की कोशिश की और अश्लील हरकतें कीं।

आगजनी, लूटपाट और जान से मारने की धमकी
हंगामा बढ़ा तो जब पीड़िता की मां अपनी बेटी को बचाने दौड़ीं, तब आरोपियों ने आक्रोशित होकर पीड़िता के गोहाल (मवेशी घर) में आग लगा दी, जिससे गोहाल का आधा हिस्सा जलकर नष्ट हो गया।
आतंक का माहौल पैदा करते हुए आरोपी जाते-जाते घर में रखे ₹5,000 नकद भी लूटकर फरार हो गए। साथ ही, उन्होंने पूरे परिवार को जान से मारने और गांव में गुलाम-मजदूर बनाकर रखने की खुली धमकी भी दी।
पुलिस कार्रवाई और न्याय की गुहार
घटना के बाद से पीड़ित परिवार बेहद डरा हुआ है। पीड़िता ने देवरी थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ त्वरित, निष्पक्ष और कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने आवेदन को आधार बनाते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है।




