Last Updated on October 12, 2026 by Gopi Krishna Verma
डीसी रामनिवास यादव के नाम और फोटो का दुरुपयोग कर साइबर अपराधियों ने बिछाया जाल, साइबर थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू

गिरिडीह। गिरिडीह के उपायुक्त (DC) रामनिवास यादव के नाम, पद और तस्वीर का दुरुपयोग कर फर्जी सोशल मीडिया अकाउंट्स के माध्यम से साइबर ठगी का एक गंभीर मामला सामने आया है। साइबर अपराधियों ने डीसी की पहचान का उपयोग कर लोगों से पैसों की मांग की, जिसमें झांसे में आकर एक महिला से ₹20,000 की साइबर ठगी कर ली गई है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए गिरिडीह जिला प्रशासन के निर्देश पर साइबर थाना में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराई गई है। साइबर पुलिस डिजिटल साक्ष्यों और वित्तीय लेन-देन के रिकॉर्ड्स के आधार पर आरोपी की पहचान करने और सख्त कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।

महिला हुई ₹20 हजार की ठगी की शिकार
उपलब्ध साक्ष्यों के अनुसार, साइबर अपराधियों ने उपायुक्त के नाम का फर्जी WhatsApp अकाउंट बनाकर खुशी रानी शर्मा नामक महिला से संपर्क किया और उनसे ₹20,000 ट्रांसफर करवा लिए। इससे पूर्व उपायुक्त के नाम से फर्जी फेसबुक (Facebook) प्रोफाइल भी बनाए जाने की बात सामने आई थी।
जिला प्रशासन की सख्त चेतावनी
मामले पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि किसी भी संवैधानिक पद या वरिष्ठ अधिकारी के नाम और पहचान का दुरुपयोग कर फर्जी अकाउंट बनाना और ठगी करना बेहद गंभीर अपराध है। ऐसे कृत्यों में शामिल अपराधियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ कानून के तहत कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।

आम जनता और अधिकारियों के लिए विशेष अपील
जिला प्रशासन ने आम नागरिकों, प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों से अलर्ट रहने की अपील की है:
- पुष्टि के बिना भुगतान न करें: WhatsApp या सोशल मीडिया पर यदि किसी अधिकारी के नाम और फोटो से पैसों की माँग की जाती है, तो उस पर भूलकर भी भरोसा न करें और न ही कोई राशि ट्रांसफर करें।
- आधिकारिक माध्यम से करें सत्यापन: किसी भी संदिग्ध मैसेज या वित्तीय अनुरोध मिलने पर संबंधित विभाग या अधिकारी के कार्यालय से आधिकारिक तौर पर पुष्टि अवश्य करें।
- अधिकारी भी रहें सतर्क: सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे अपने नाम व पहचान से संचालित अकाउंट्स के दुरुपयोग को लेकर सतर्क रहें।
साइबर ठगी का शिकार होने पर तुरंत यहाँ करें शिकायत:
यदि आप या आपका कोई परिचित साइबर ठगी का शिकार होता है, तो तुरंत राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर
1930पर कॉल करें या अधिकारिक पोर्टल www.cybercrime.gov.in पर जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल स्थानीय पुलिस या साइबर थाने को दें।




