Last Updated on October 9, 2026 by Gopi Krishna Verma
WhatsApp पर आई चालान फ़ाइल खोलते ही हैंग हुआ व्यवसायी का मोबाइल, बैंक खाते से उड़ गए ₹24.35 लाख

गिरिडीह। झारखंड के गिरिडीह जिले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 24 लाख से अधिक की साइबर ठगी के मामले में दो आरोपियों को दबोचा है। महाराष्ट्र की पुणे (आलंदी) थाना पुलिस ने गिरिडीह के मुफस्सिल थाना पुलिस के सहयोग से छापेमारी कर इन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया। अदालत के आदेश पर पुणे पुलिस दोनों आरोपियों को चार दिनों की ट्रांजिट रिमांड पर अपने साथ ले गई है।
पकड़े गए आरोपियों की पहचान अहिल्यापुर थाना क्षेत्र के देवपुर निवासी विष्णु वर्मा (28 वर्ष) और भेलवाघाटी थाना क्षेत्र के तिलकड़ी गांव निवासी विनोद मंडल (42 वर्ष) के रूप में हुई है। गुरुवार को आलंदी पुलिस ने दोनों को जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश द्वितीय की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल की।

क्या है पूरा मामला
यह मामला आलंदी पुलिस स्टेशन (कांड संख्या 495/2025) में दर्ज प्राथमिकी से जुड़ा है। पुणे के पिंपरी-चिंचवड निवासी व्यवसायी विट्ठल निवृत्ति ठाकुर ने इस ठगी की शिकायत दर्ज कराई थी।
पीड़ित विट्ठल के अनुसार, मार्च 2024 में पुणे रिंग रोड परियोजना के तहत उनकी कृषि भूमि अधिग्रहित होने पर उन्हें ₹1.33 करोड़ का मुआवजा मिला था। इसमें से उन्होंने ₹70 लाख एचडीएफसी बैंक (HDFC Bank) में एफडी (FD) कराए थे और ₹7 लाख अपने इस्तेमाल के लिए बैंक खाते में रखे थे।
एपीके (APK) फ़ाइल और RTO चालान का जाल
3 सितंबर 2025 की दोपहर विट्ठल को उनके व्हाट्सएप (WhatsApp) के एक ग्रुप में उनकी महिंद्रा पिकअप कार के नंबर के साथ एक ‘RTO चालान’ की फ़ाइल दिखाई दी। जैसे ही उन्होंने उस फ़ाइल को डाउनलोड किया, उनका सैमसंग गैलेक्सी F13 मोबाइल पूरी तरह हैंग हो गया।
तकनीकी जानकारी न होने के कारण पीड़ित समझ नहीं पाए कि मोबाइल में क्या गड़बड़ी हुई है। इसके दो दिन बाद, 6 सितंबर 2025 की शाम को अचानक उनके फोन पर एचडीएफसी बैंक से पैसे कटने के कई मैसेज आने लगे। जब उन्होंने रिश्तेदारों को फोन दिखाया, तो पता चला कि उनके खाते और एफडी से कुल ₹24,35,583 की राशि अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए उड़ा ली गई है।

पुलिस की कार्रवाई और चेतावनी
घटना के बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। तकनीकी जांच और लोकेशन ट्रेस करने के बाद आलंदी पुलिस गिरिडीह पहुंची और स्थानीय पुलिस के सहयोग से देवपुर और तिलकड़ी में छापेमारी कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
साइबर सुरक्षा सलाह
पुलिस और साइबर विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि व्हाट्सएप या एसएमएस पर किसी भी अनजान व्यक्ति या ग्रुप में आई RTO चालान, बिजली बिल या बैंक अपडेट जैसी फ़ाइलों (विशेषकर .apk फ़ाइलों) को कभी भी डाउनलोड या ओपन न करें। यह मालवेयर (वायरस) हो सकते हैं, जो आपके मोबाइल का पूरा कंट्रोल साइबर अपराधियों को दे देते हैं।




