Last Updated on September 18, 2026 by Gopi Krishna Verma


गिरिडीह। गिरिडीह–डुमरी मुख्य मार्ग (NH-114A) स्थित योगीटांड़ (गिरिडीह स्टेडियम के समीप) में सड़क के नीचे बने भूमिगत गोफ और मार्ग की जर्जर स्थिति को लेकर सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (CCL) का आधिकारिक बयान सामने आया है। सामाजिक कार्यकर्ता सुनील खंडेलवाल द्वारा कोयला मंत्रालय के सचिव से की गई शिकायत का जवाब देते हुए CCL गिरिडीह ने स्पष्ट किया है कि सड़क धंसने और गोफ बनने की मुख्य वजह अवैध खनन और उससे जुड़ा अवैध कारोबार है।
CCL का पक्ष: ‘वैध खनन सुरक्षित, रखरखाव की जिम्मेदारी NHAI की’
CCL ने अपने जवाब में कहा कि यद्यपि प्रभावित सड़क क्षेत्र उसके लीज-होल्ड दायरे में आता है, लेकिन इस राष्ट्रीय राजमार्ग का निर्माण राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) द्वारा किया गया है। लिहाजा सड़क की मरम्मत, सुरक्षा और रखरखाव की पूरी जिम्मेदारी NHAI की ही है।
CCL ने अपने वैध खनन कार्यों का बचाव करते हुए कहा कि उसके परिचालन से भू-धसान जैसी घटनाएं नहीं होती हैं। इसके लिए मुख्य रूप से क्षेत्र में सक्रिय अवैध खनन जिम्मेदार है। CCL ने सुझाव दिया कि यदि राज्य प्रशासन अवैध कोयला खनन और इसके अवैध व्यापार पर पूरी तरह से नकेल कसे, तो भू-धसान की समस्याओं पर स्थायी रोकथाम लगाई जा सकती है।

सुनील खंडेलवाल की मांग: ‘जनहानि का इंतजार किए बिना हो संयुक्त तकनीकी निरीक्षण’
CCL के जवाब पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए शिकायतकर्ता सुनील खंडेलवाल ने कहा कि इस गंभीर मामले में CCL, NHAI और स्थानीय राज्य प्रशासन—तीनों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने चेतावनी दी कि NH-114A पर दैनिक आवाजाही करने वाले यात्रियों की सुरक्षा खतरे में है।
खंडेलवाल ने मांग की है कि किसी बड़ी दुर्घटना या जनहानि का इंतजार किए बिना:
- तीनों विभागों द्वारा प्रभावित स्थल का तत्काल संयुक्त तकनीकी निरीक्षण किया जाए।
- सड़क के नीचे बने भूमिगत गोफ की गहराई और स्थिति का सटीक आकलन हो।
- यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल आपातकालीन उपाय और सड़क की स्थायी मरम्मत की जाए।




