Last Updated on September 1, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। आमजनों की समस्याओं के त्वरित समाधान एवं प्रशासन और जनता के बीच सीधा संवाद सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने मंगलवार अपने कार्यालय कक्ष में जनता दरबार आयोजित कर जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे नागरिकों की समस्याओं एवं शिकायतों को गंभीरतापूर्वक सुना। जनता दरबार में बड़ी संख्या में पहुंचे फरियादियों ने व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं जनहित से जुड़े विभिन्न मामलों को उपायुक्त के समक्ष रखा।
उपायुक्त ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को संवेदनशीलता एवं गंभीरता के साथ सुनते हुए संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों पर त्वरित, निष्पक्ष, पारदर्शी एवं गुणवत्तापूर्ण कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है तथा प्रत्येक आवेदन को निर्धारित प्रक्रिया एवं समय-सीमा के भीतर निष्पादित किया जाना चाहिए।

60 से अधिक फरियादियों ने रखी अपनी समस्याएं
जनता दरबार के दौरान 60 से अधिक फरियादियों ने बिजली विपत्र, भूमि विवाद, पेंशन, पारिवारिक विवाद, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा, आवास, राशन कार्ड सहित विभिन्न जनसुविधाओं एवं कल्याणकारी योजनाओं से संबंधित समस्याएं उपायुक्त के समक्ष रखीं। उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक मामले की वास्तविक स्थिति की जांच करते हुए नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करें और फरियादियों को समय पर राहत उपलब्ध कराएं।
तत्काल समाधान योग्य मामलों के निष्पादन पर विशेष जोर
उपायुक्त ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिया कि जिन मामलों का समाधान तत्काल स्तर पर संभव है, उनका नियमानुसार यथाशीघ्र निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। वहीं, जिन मामलों में जांच अथवा विभिन्न स्तरों से कार्रवाई की आवश्यकता है, उन्हें निर्धारित समय-सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण तरीके से निष्पादित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि अनावश्यक विलंब के कारण आम नागरिकों को बार-बार कार्यालयों का चक्कर नहीं लगाना पड़े, इसका विशेष ध्यान रखा जाए।

आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग के दिए निर्देश
उपायुक्त ने संबंधित विभागीय पदाधिकारियों को प्राप्त आवेदनों की नियमित समीक्षा एवं मॉनिटरिंग करते हुए कार्रवाई की प्रगति से अवगत कराने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों को जवाबदेही के साथ कार्य करने तथा प्रत्येक शिकायत के समाधान की गुणवत्ता सुनिश्चित करने पर जोर दिया। जनता दरबार के दौरान कई मामलों का ऑन-द-स्पॉट निराकरण भी किया गया, जबकि शेष मामलों के शीघ्र निष्पादन हेतु संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि जनता दरबार केवल शिकायतों को सुनने का माध्यम नहीं, बल्कि प्रशासन को आम नागरिकों की वास्तविक समस्याओं से सीधे जोड़ने और उनके समाधान की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने का महत्वपूर्ण मंच है। जिला प्रशासन का प्रयास है कि आमजनों को उनकी समस्याओं के समाधान के लिए अनावश्यक परेशानी न हो तथा पात्र लाभुकों को सरकारी योजनाओं एवं सेवाओं का लाभ समय पर मिल सके।




