Last Updated on July 6, 2026 by Gopi Krishna Verma
आपसी समन्वय के साथ कार्य करें और योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की लापरवाही न बरतें पदाधिकारी: डीडीसी

गिरिडीह। समाहरणालय सभागार में उपविकास आयुक्त स्मृता कुमारी की अध्यक्षता में समाज कल्याण विभाग की समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, सभी संबंधित कार्यपालक अभियंता, सभी महिला पर्यवेक्षिका, संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।
बैठक के दौरान उप विकास आयुक्त ने समाज कल्याण विभाग अंतर्गत संचालित विभिन्न योजनाओं की बारी-बारी से समीक्षा की। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों के संचालन, पोषण वाटिका, पोषण अभियान, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना, बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं सहित अन्य कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति की जानकारी ली।

उप विकास आयुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से योग्य लाभुकों तक पहुंचाना सुनिश्चित करें। उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की नियमित मॉनिटरिंग पर विशेष जोर देते हुए कहा कि केंद्रों का सुचारू संचालन, बच्चों और गर्भवती महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार की गुणवत्ता तथा उपस्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि किसी भी केंद्र में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए। साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने पर बल दिया।

उप विकास आयुक्त ने किशोरियों एवं बालिकाओं से संबंधित योजनाओं की समीक्षा करते हुए कहा कि सावित्रीबाई फुले किशोरी समृद्धि योजना का लाभ अधिक से अधिक बालिकाओं तक पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिया कि स्कूलों एवं आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से लाभुकों की पहचान कर उन्हें योजनाओं से जोड़ने की प्रक्रिया तेज की जाए। साथ ही बाल विवाह एवं कुपोषण रोकने के लिए जागरूकता कार्यक्रम चलाने का निर्देश दिया।
बैठक के दौरान बाल संरक्षण से संबंधित योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उप विकास आयुक्त ने कहा कि बाल संरक्षण से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई की जाए तथा जरूरतमंद बच्चों को समय पर सहायता उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि चाइल्ड हेल्पलाइन एवं अन्य तंत्रों को सक्रिय रखते हुए बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।




