चार नए लेबर कोड़ कानून को रद्द करे सरकार: प्रमिला मेहरा

0

Last Updated on May 2, 2026 by Gopi Krishna Verma

झामुमो महिला मोर्चा ने मनाया मजदूर दिवस

गिरिडीह। मई दिवस के अवसर पर झामुमो जिला कार्यालय गिरिडीह में महिला मोर्चा के बैनर तले शुक्रवार को अंतराष्ट्रीय मजदूर दिवस पूरे उत्साह के साथ मनाया गया। मई दिवस जो श्रमिकों को उनके अधिकारों, संघर्ष और उनके योगदान को समर्पित है, यह दिन श्रमिकों के उपलब्धियों का सम्मान करना, काम के घंटे को आठ घंटे करना और कार्यस्थल पर सुरक्षा सुनिश्चित रखना है।

जिला संगठन सचिव दिलीप मंडल ने कहा कि आज हम सब मई दिवस उथल पुथल भरी वैश्विक स्तिथियों के बीच मना रहे हैं, ईरान के खिलाफ अमेरिका इजराइल का युद्ध दूसरे महीने होने जा रहा है, और उनके द्वारा थोपा गया युद्ध से भारत को भी भारी कीमत चुकानी पड़ रही है। जिनके साथ मोदी सरकार ने बेहद विनाशकारी हद तक संबंध स्थापित कर दिया है। करोड़ों मजदूर एवं प्रोफेशनल लोग हैं जो पश्चिमी देशों में काम करते हैं, वह जबरदस्त अनिश्चितता एवं असुरक्षा के साए तले रहने को मजबूर हैं। मोदी सरकार की विदेश नीति की गहरी नाकामी से युद्ध ने भारत में ईंधन और खाद्य पदार्थों का भारी संकट पैदा कर दिया है, जिससे लाखों प्रवासी मजदूर वापस घर लौट रहे हैं, जहां जिंदा रहना ही सबसे बड़ी चुनौती हो गया है।

झारखंड युवा मोर्चा के जिलाध्यक्ष कौलेश्वर सोरेन ने कहा कि 1मई 1886 में अमेरिका के शिकागो में हुए मजदूर आंदोलन की याद में हम मई दिवस मनाते हैं, जहां मजदूरों ने प्रतिदिन आठ घंटे से अधिक काम न करने की मांग की थी। वहां मजदूरों को जानवर की तरह दमन, शोषण के साथ साथ 18 से 20 घंटे काम कराया जाता था। इस अमरीकी मजदूर वर्ग के आंदोलन ने लड़ाई की इतिहास में एक नया अध्याय जोड़ दिया। और इस आंदोलन के फलस्वरूप 1 मई का जन्म 8 घंटे काम 8 घंटे आराम और 8 घंटे मनोरंजन के लिए हुआ।

गिरिडीह जिला के औद्योगिक क्षेत्रों में उद्योगपतियों द्वारा लेबर कानून का धज्जियां उड़ाया जा रहा है , मजदूरों को स्पंज फैक्ट्री में, भट्ठी में रोलिंग मिलों में छटनी का डर दिखा कर जबरदस्ती 18 से 20 घंटे काम कराया जाता है। इन फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों का खुलेआम उल्लंघन होता है, इसलिए आए दिन फैक्ट्रियों में मजदूरों की मौत की खबर आते रहते हैं। औद्योगिक क्षेत्र के लोग इनके प्रतिष्ठानों से निकलने वाले जहरीले धुएं से असमय काल के गाल में समा जा रहे हैं। जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण पर्षद विभाग के पदाधिकारी पूंजीपतियों के चाटुकार बन बैठे हैं। इसलिए इस क्षेत्र के जनता को एवं मजदूरों को अपने हक अधिकारों के लिए, शोषण जुल्म और अत्याचार के खिलाफ संघर्ष को तेज करना होगा।

मौके पर मेयर प्रमिला मेहरा ने कहा कि आज मोदी सरकार मजदूरों को उनके अधिकारों से भटकाने के लिए जाति और धर्म के नाम पर लड़ा रहा है। मजदूरों पर थोपा गया 4 लेबर कोड काला कानून को वापस करे। महिला मजदूरों को कार्यस्थल पर सुरक्षित माहौल मिले एवं महिलाओं को भी पुरुष श्रमिकों के बराबर समान काम का समान वेतन देना सुनिश्चित हो।

कार्यक्रम की अध्यक्षता महापौर प्रमिला मेहरा ने किया तथा संचालन प्रीति भास्कर ने किया। कार्यक्रम में मधु वर्मा, मृदुला शर्मा, रेखा देवी, रूपा देवी, ललिता देवी, रूखसार, नेहा सिंह, तन्वी कोमल, गीता, कविता, गुड़िया, रूपा, गीता सहित कई लोग मौजूद थे।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *