झारखंड के विद्यार्थियों को निःशुल्क यूट्यूब पर पढ़ा रहे अभिषेक चक्रवर्ती को मिला सिल्वर प्ले बटन

Last Updated on July 12, 2025 by Gopi Krishna Verma गिरिडीह। धनबाद ज़िले के बलियापुर निवासी अभिषेक चक्रवाती ने झारखंड बोर्ड के कक्षा आठवीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को 2020 से निशुल्क अपने यूट्यूब चैनल पर पढ़ता आया । इस वर्ष 2025 यूट्यूब चैनल अभिषेक चक्रवर्ती झारखंड पर 1 लाख से अधिक विद्यार्थी…

Last Updated on July 12, 2025 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। धनबाद ज़िले के बलियापुर निवासी अभिषेक चक्रवाती ने झारखंड बोर्ड के कक्षा आठवीं से लेकर 12वीं तक के विद्यार्थियों को 2020 से निशुल्क अपने यूट्यूब चैनल पर पढ़ता आया । इस वर्ष 2025 यूट्यूब चैनल अभिषेक चक्रवर्ती झारखंड पर 1 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं और इस वर्ष कक्षा 12वीं के झारखंड के कई जिलों के विद्यार्थी टॉप स्थान भी प्राप्त किए हैं।

अभिषेक ने बताया कि अपना पढ़ाई कक्षा दसवीं तक हाई स्कूल कुसमताण्ड में किया। उसके बाद 12वीं से लेकर ग्रेजुएशन तक की पढ़ाई गुरु नानक कॉलेज में किया और उसके बाद मैं मास्टर्स नालंदा से किया। अभिषेक ने बताया बचपन से ही पढ़ने का काफी ज्यादा शौक था पर घर की आर्थिक स्थिति इतनी मजबूत नहीं थी। पिता एक मनिहारी दुकानदार हैं जो कि किसी तरीके से घर का गुजारा करते थे। उसके बाद कक्षा नौवीं से मैं ट्यूशन पढ़ना शुरू किया और 12वीं में एडमिशन और किताब खरीदने के पैसे की कमी के चलते धनबाद में कैटरिंग के लिए भी जाना शुरू किया और इस तरह से मैंने अपना पढ़ाई जारी रखा।

ग्रेजुएशन के बाद सामाजिक कार्यों और लोगो में शिक्षा स्वस्थ खेल खुद के जागरूकता के लिए नेहरू युवा केंद्र संगठन के राष्ट्रीय युवा स्वमसेक के रूप में भी काम किया। 2018 में हुए नेशनल यूथ फेस्टिवल में पहला नेशनल यूथ पार्लियामेंट में झारखंड के धनबाद जिलों को पहली बार हमने प्रतिनिधित्व कियाl इसके बाद सरकारी कॉलेज डाइट पिंड्राजोरा बोकारो से मैं टीचर्स ट्रेनिंग कंप्लीट किया और अपने बैच का कॉलेज टॉपर रहा। उसके बाद केंद्रीय शिक्षक पात्रता परीक्षा पास किया।

वर्तमान समय में गुरुकुलम विद्यालय में सामाजिक विज्ञान शिक्षक के रूप में कार्यरत हूँ। टीचर ट्रेनिंग के दौरान जिस विद्यालय में हमें टीचिंग प्रेक्टिस के लिए भेजा गया था, उस विद्यालय के विद्यार्थियों ने कहा कि सर आप तो चले जाएंगे पर हम आपके द्वारा पढ़ाई के सभी बातों को कैसे फिर से याद करें। फिर 2019 में बच्चे कोविड -19 के वजह से कही ऑफलाइन क्लास भी नहीं जा पा रहे थे तब मुझे पता यूट्यूब के माध्यम से भी हम केवल एक गाँव नहीं अपने पुरे झारखण्ड के विद्याथियों को पढ़ा सकते हैं तो इसलिए मैं वहीं से ठान लिया कि अब हमें जो है यूट्यूब चैनल का माध्यम से विद्यार्थियों को निशुल्क बढ़ाना शुरू करना है और तभी से 2020 से मैंने विद्यार्थियों को अपने यूट्यूब चैनल पर निशुल्क पढ़ना शुरू किया ताकि अब कोई भी विद्यार्थी पैसे के अभाव में पढ़ाई न छोड़े।

उन्होंने ने बताया कि हालांकि शुरुआती समय मेरे पास अच्छा एंड्रॉयड मोबाइल नहीं था जिसके लिए मुझे मेरे दोस्तों से मोबाइल लेकर वीडियो रिकॉर्ड करके अपलोड करना पड़ता था। उसके बाद धीरे-धीरे यूट्यूब जर्नी से कुछ पैसे आने लगे। उसके बाद मैंने अपना मोबाइल लेकर यूट्यूब में और अच्छे से पढ़ना शुरू किया। 2020 से हर साल झारखंड के विद्यार्थी बोर्ड में मेरे यूट्यूब चैनल के माध्यम से बहुत ही अच्छा अंक प्राप्त किया और मुझे उसके लिए बहुत खुशी हुआ।

यूट्यूब चैनल माध्यम से न केवल झारखंड के विद्यार्थी देश के और कई राज्यों के विद्यार्थी भी पढ़कर अच्छा अंक प्राप्त किए हैं और वही कक्षा 12वीं के इंग्लिश और इकोनॉमिक्स के वीडियो जो है वह विदेशो में भी देखे जा रहे हैं। मेरे यूट्यूब चैनल में कक्षा आठवीं से दसवीं तक सभी विषयों को पढ़ाया जाता है। इसके साथ ही कक्षा 11वीं और 12वीं के आर्ट्स कॉमर्स साइंस स्ट्रीम के विद्यार्थियों को निशुल्क पढ़ाया जाता है।

इस यूट्यूब जर्नी में मेरे भाई अनिमेष चक्रवर्ती का बहुत बड़ा योगदान है। वह भी की स्टूडेंट को पढ़ने में सहयोग प्रदान करते हैं। हाल ही में मुझे यूट्यूब के तरफ से एक लाख सब्सक्राइबर कंप्लीट होने पर लिए सिल्वर प्ले बटन मिला है। जिसकी खुशी मेरे घर में माता-पिता परिवार के सभी सदस्य और गांव के सभी लोग काफी ज्यादा खुश है।

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Pappu Kumar Verma

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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