सदर अस्पताल गिरिडीह से फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम की शुरूआत, उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने MDA कार्यक्रम का किया शुभारंभ

Last Updated on February 10, 2025 by Gopi Krishna Verma गिरिडीह। MDA कार्यक्रम के तहत आयोजित फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सदर अस्पताल से शुभारंभ किया। मौके पर सिविल सर्जन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला आरसीएच पदाधिकारी, जिला मलेरिया पदाधिकारी, जिला भीबीडी पदाधिकारी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, डीपीएम, एनएचएम…

Last Updated on February 10, 2025 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। MDA कार्यक्रम के तहत आयोजित फाइलेरिया उन्मूलन कार्यक्रम का उपायुक्त नमन प्रियेश लकड़ा ने सदर अस्पताल से शुभारंभ किया।

मौके पर सिविल सर्जन, जिला आपूर्ति पदाधिकारी, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला आरसीएच पदाधिकारी, जिला मलेरिया पदाधिकारी, जिला भीबीडी पदाधिकारी, उपाधीक्षक सदर अस्पताल, डीपीएम, एनएचएम समेत अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे। मौके पर प्रेस प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए उपायुक्त ने बताया कि गिरिडीह जिला के अन्तर्गत सभी प्रखण्डों (बगोदर जमुआ, पीरटॉड एवं देवरी को छोड़कर) में एमडीए कार्यक्रम आज से 25 फरवरी 2025 तक मनाया जाएगा।

इस कार्यक्रम के तहत लक्षित जनमानस को फाइलेरिया रोधी दवा का सेवन कराया जाएगा। एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों, गर्भवती महिला, गम्भीर रूप से बीमार व्यक्ति को दवा का सेवन नहीं करना है। दवा का सेवन खाली पेट नहीं करना है। गिरिडीह जिला के कुल 17,96,517 व्यक्तियों को दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। आज सभी आगंनबाडी केन्द्र, सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र, स्वास्थ्य उपकेन्द्र पर DEC एवं Albendazole की एकल खुराक खिलाई जाएगी। शेष बचे हुए व्यक्तियों को 11 फरवरी से 25 फरवरी तक प्रशिक्षित दवा प्रशासकों (सहिया, सेविका एवं भोलेन्टेयर वर्कर) के द्वारा घर-घर जाकर दवा खिलाई जाएगी। जिले में कुल 1755 बूथ चिन्हित किये गए है जिसमें कुल 3510 दवा प्रशासक दवा सेवन करवाने हेतु कार्य करेंगे। प्रखण्ड स्तर पर 342 एवं जिला स्तर से पर्यवेक्षकों द्वारा पर्यवेक्षण कार्य किया जायेगा। अनुषांगी प्रभाव (Side effect) से निपटने के लिए जिला स्तर एवं प्रखंड स्तर पर आर०आर०टी० टीम का गठन किया गया है। इस अवसर पर उपायुक्त ने सभी आमजनों से अपील किया कि दवा प्रशासक की उपस्थिति में फाइलेरिया की दवा का अवश्य सेवन करें। दवा पुर्णतः सुरक्षित है एवं दवा सेवन करते हुए अपने ग्रामों एवं प्रखण्ड को फालेरिया मुक्त बनायें।

1. फाइलेरिया एक खतरनाक बीमारी है जिससे हाथी पांव या हाइड्रोसील होने का खतरा होता है। यह बीमारी मादा क्यूलेक्स नामक मच्छर काटने से होती है।

2. संक्रमण के शुरू में कोई लक्षण दिखाई नहीं देता है। संक्रमण के कुछ सालों के बाद बुखार रहने लगता है। कुछ वर्षों के बाद दर्द एवं पैरो में सुजन आने लगती है इस बीमारी का ठीक से उपचार नहीं होने पर सुजन स्थायी हो जाता है। फाइ‌लेरिया बीमारी को स्थानीय भाषा में हाथीपाव कहा जाता है।

3. इस बीमारी से बचाव हेतु वर्ष में एक बार मास ड्रग एडगिशट्रेशन कार्यक्रम (MDA) के तहत फाईलेरिया रोगी दवा की एकल खुराक खाना आवश्यक है।

4. यदि सभी व्यक्तियों को डी.ई.सी. एवं अलबेन्डाजोल गोली की एक खुराक वर्ष में एक बार खिलायी जाये तो 80 से 90 प्रतिशत तक इस बीमारी पर नियंत्रण पाया जा सकता है एवं अपने अगले पीढ़ी के बच्चों में इस बीमारी को फैलने से रोक सकते है। फाइलेरिया की दवा किसी भी स्थिति में खाली पेट नहीं ली जानी पाहिए।

5. इस वर्ष एम०डी०ए० दिनांक 10 फरवरी से 25 फरवरी 2025 तक मनाया जायेगा इस कार्यक्रम के अन्र्तगत एक दिन (10 फरवरी 2025) को सभी आंगनबाडी केन्द्रो / सा०स्वा०केन्द्रो / स्वास्थ्य उपकेन्द्रों/वार्ड कार्यालय एवं अन्य सार्वजनिक स्थान को बुथ के रूप में चिन्हित करते हुए दवा सेवन कराया जाएगा। बची हुई लक्षित आबादी को घर-घर जाकर सहिया/स्वास्थ्य कार्यकर्ता के द्वारा अपनी उपस्थिति में डी०ई०सी० एवं अल्बेन्डाजोल गोली की एकल खुराक खिलाई जाएगी।

6. 02 वर्ष से कम उम्र के बच्चे, गर्भवती महिला एवं गम्भीर रूप से बिमार व्यक्ति को छोड़कर अन्य सभी को उम्र के अनुसार डी०ई०सी० एवं अल्बेन्डाजोल की गोली एकल खुराक खिलाई जाती है। 01 वर्ष से 02 वर्ष वो बच्चों को अल्बेन्डाजोल आधी गोली खिलाई जायेगी।

7. संबंधित प्रखंड़ों में कुल 17,96,517 व्यक्तियों को फाइलेरिया रोधी दवा खिलाने का लक्ष्य रखा गया है। शत-प्रतिशत लाभार्थी को दवा का सेवन करवाना हम सभी की जिम्मेवारी है।

8. यह दवा पुर्णतः सुरक्षित है। दवा का सेवन के पश्चात् जिन व्यक्यिों के खुन में फाइलेरिया के रोगाणु उपस्थित होते है उनको प्रतिकूल प्रभाव हो सकता है जैसे सिर दर्द, उल्टी, चक्कर एवं बुखार। ये समस्या एक प्रतिशत लोगों में होती है जो माइक्रो फाइलेरिया से संक्रमित है। प्रतिकूल प्रभाव के प्रबंधन हेतु जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर रैपिड रिसपोंस दल (RRT) का गठन किया गया है।

9. संबंधित प्रखंड़ में कुल 1755 बुथ चिन्हित किए गए है। 3510 दवा प्रशासक के द्वारा फाइलेरिया रोधी दवा 10 फरवरी से 25 फरवरी 2025 तक खिलाई जाएगी एवं 342 पर्यवेक्षकों के द्वारा कार्य का पर्यवेक्षण किया जायेगा।

10. सभी दवा प्रशासक एवं पर्यवेक्षकों का जिला एवं प्रखण्ड स्तर पर प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

11. सभी जनसमुदाय से अपील है कि गिरिडीह जिला में फाइलेरिया उन्मूलन हेतु 10 फरवरी से 25 फरवरी 2025 को आयोजित एम०डी०ए० कार्यक्रम में दवा अवश्य खायें एवं दूसरो को खाने के लिए प्रेरित करें एवं कार्यक्रम को सफल बनाएं और गिरिडीह जिला को फाइलेरिया मुक्त करने में सहयोग करें।

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Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

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