Last Updated on October 5, 2026 by Gopi Krishna Verma
‘भारतीय ध्वज संहिता’ का हवाला देकर जताई आपत्ति; कहा— राष्ट्रीय ध्वज देश की संप्रभुता और सम्मान का प्रतीक, गरिमा से न हो खिलवाड़

गिरिडीह। पुराने गिरिडीह रेलवे स्टेशन परिसर में फहराए जा रहे क्षतिग्रस्त व फटे हुए राष्ट्रीय ध्वज को लेकर स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड) में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने फटे तिरंगे को तत्काल सम्मानपूर्वक उतारकर नियमानुसार नया राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करने की मांग की है।
राष्ट्रीय ध्वज संहिता और कानून का दिया हवाला
रेलवे बोर्ड को भेजी गई अपनी शिकायत में सुनील कुमार खंडेलवाल ने भारतीय ध्वज संहिता, 2002 तथा राष्ट्रीय गौरव अपमान निवारण अधिनियम, 1971 के प्रावधानों का प्रमुखता से उल्लेख किया है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय ध्वज की गरिमा और सम्मान को बनाए रखना देश के प्रत्येक नागरिक के साथ-साथ सभी सरकारी और सार्वजनिक संस्थानों का प्राथमिक दायित्व है।

उन्होंने रेलवे प्रशासन का ध्यान आकर्षित कराते हुए कहा कि क्षतिग्रस्त या फटे हुए ध्वज का सार्वजनिक रूप से लहराना राष्ट्रीय ध्वज के अपमान के दायरे में आता है, जिसे तुरंत ठीक किया जाना चाहिए।
आसनसोल रेल मंडल के तहत दर्ज हुआ मामला
यह शिकायत 4 अक्टूबर 2026 को रेलवे बोर्ड के समक्ष दर्ज हुई है। इस मामले को पूर्व रेलवे (Eastern Railway) के आसनसोल मंडल (DRM Office, Asansol) से संबंधित विषय के रूप में अग्रसारित कर कार्रवाई के लिए चिन्हित किया गया है।
“आरोप लगाना मकसद नहीं, राष्ट्रीय सम्मान प्राथमिकता”
सामाजिक कार्यकर्ता सुनील कुमार खंडेलवाल ने मीडिया को बताया:
“राष्ट्रीय ध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि हमारे देश की संप्रभुता, एकता, अखंडता और 140 करोड़ भारतीयों के राष्ट्रीय सम्मान का प्रतीक है। सार्वजनिक स्थानों पर इसके रखरखाव में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जानी चाहिए। इस शिकायत का उद्देश्य किसी अधिकारी या व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि हमारे तिरंगे की गरिमा और सम्मान को अक्षुण्ण बनाए रखना है।”
उन्होंने उम्मीद जताई कि रेल प्रशासन इस पर तत्काल संज्ञान लेते हुए फटे तिरंगे को नियमानुसार उतारकर पूरे सम्मान के साथ नया राष्ट्रीय ध्वज स्थापित करेगा।




