गिरिडीह-पचंबा फोर लेने में सुस्ती विभाग की लापरवाही: माले
Last Updated on April 28, 2026 by Gopi Krishna Verma

गिरिडीह। माले नेता राजेश सिन्हा ने मंगलवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा कि फोर लेन गिरिडीह के बेहतर कामों में से एक है, गिरिडीह पचंबा फोर लेन के कार्य में फिर से सुस्ती छाई हुई है।
ज्ञात हो शुरू से ही भाकपा माले आवाज उठा रहा है और आगे भी अपनी आवाज बुलंद करेगा। सिन्हा ने कहा कि विकास का कार्य लगातार होने की बात की जा रही है। राज्य सरकार के मंत्री जी ने गिरिडीह के लिए कई कार्य योजना लाए है उनमें से एक है फोर लेन योजना,लगभग तीन चार साल से काम चल रहा है। अब तक पूरा नहीं हो पाया ही। मंत्री को लगातार मॉनिटरिंग करने की है जरूरत, बनने के बाद काफी सुविधा होगी। अब भी सुविधा है किंतु बीच-बीच में पक्षपाती वाला काम किया गया है। पुराना जेल के पीछे और पुराना नगरनिगम पीछे का सभी दुकान तोड़ दिए गए है। सभी परेशान थे, छह महीने बीतने के बाद भी अब तक जनता को समझ नहीं आया है। फोर लेन एक साल में बनना था फिर दो साल में अब निश्चित ही योजना का एक्सटेंशन हुआ होगा; लेकिन जिस प्रकार की सुस्ती विभाग की है फिर से फेल होगा यह पूर्ण विश्वास है। क्योंकि कोई काम इस रोड में रुक-रुक कर हुआ है, इस रोड का एक रिकॉर्ड है।

जिला प्रशासन और कॉन्ट्रेक्टर दोनों के ताल मेल से कोई कार्य होता है,लगता है दोनों का ताल मेल गड़बड़ है। वैसे कहीं कम चौड़ा रोड कहीं ज्यादा चौड़ा है। कहीं ज्यादा मेहरबानी, कहीं ज्यादा कड़ाईपन, कहीं ज्यादा छूट तो कहीं कुछ भी छूट नहीं, कही जनता खुश, कहीं जनता नाराज, कहीं लोकल प्रतिनिधि का अलग से मांग कमीशन की आड़, घुस की बात, कहीं बिजली विभाग की लाचारी, कहीं फॉरेस्ट का सवाल, अतिक्रमण का सवाल आदि कई दिक्कते है, सिर्फ कॉन्ट्रेक्टर का ही दोष नहीं है, बल्कि अब तक शुरू से अंत तक कितना चौड़ा है, कॉन्ट्रेक्टर और जिला प्रशासन का भी सर दर्द है।

उपरोक्त बातों पर विचार करने से लगता है कि आम जनता भी बहुत सुस्ती में जीते है। इस सुस्ती को त्यागना पड़ेगा। कार्य क्यों रुक जाता है जल्द कैसे बने इस पहल की कभी है। विभाग रास्ता को अतिक्रमण रहित कर रास्ता बनने दे सकता है। वैसे कॉन्ट्रेक्टर ने न्यूज के माध्यम कहा था कि सरकारी विभाग रास्ता को साफ करके नहीं देता है। सभी व्यवस्था प्रशासन और विभाग को अब तक कुछ नहीं दिया गया है।डिवाइडर, लाइट, बिजली तार, पेड़, ट्रैफिक, अतिक्रमण, काम में सुस्ती आदि को देखा जाय और जल्द कार्य लगाया जाय, लगने के बाद कईयों के लिए बेहतर साबित होगा।
माले ने लगातार इसकी आवाज उठाई है, आगे भी हम लोकतांत्रिक आवाज उठाते रहेंगे।
