इफको के नैनो उर्वरक से बढ़ेगी उपज व दूर होगी फसलों की बिमारियां: मुनिया देवी

Last Updated on May 27, 2025 by Gopi Krishna Verma आधुनिक तकनीक से खेती कर उपज बढ़ाए किसान: महेंद्र कुमार वर्मा नवडीहा। मंगलवार को खेती बाड़ी में नवाचारों को किसानों के बीच जागरुकता फैलाने हेतु विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको द्वारा सियाटांड के बिशनपुरा में एक वृहद फसल विचार संगोष्ठी का आयोजन किया…

Last Updated on May 27, 2025 by Gopi Krishna Verma

आधुनिक तकनीक से खेती कर उपज बढ़ाए किसान: महेंद्र कुमार वर्मा

कार्यक्रम में मंचासीन जिप अध्यक्ष मुनिया देवी, मुखिया महेंद्र कुमार वर्मा व अन्य।
कार्यक्रम में उपस्थित क्षेत्र के किसान

नवडीहा। मंगलवार को खेती बाड़ी में नवाचारों को किसानों के बीच जागरुकता फैलाने हेतु विश्व की सबसे बड़ी सहकारी संस्था इफको द्वारा सियाटांड के बिशनपुरा में एक वृहद फसल विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि के तौर पर जिला परिषद अध्यक्ष मुनिया देवी व विशिष्ट अतिथि के रूप में सियाटांड़ मुखिया महेंद्र कुमार वर्मा उपस्थित रहे। कार्यक्रम में 400 से अधिक किसानों ने भाग लिया।

किसानों को संबोधित करते हुए जिप अध्यक्ष मुनिया देवी ने कहा कि आज़ तकनीकी की दुनियां में इफको अपना पांव पसार चुकी है। अब किसानों को पचास किलोग्राम के बोरों के जगह सौ ग्राम के लिक्विड के रुप में यूरिया व डीएपी सरकार इफको के मदद से मुहैया करा रही है। नैनो उर्वरक से फसल की उपज बढ़ेगी व बिमारियों से फसल का बचाव भी होगा।

सियाटांड के मुखिया महेंद्र प्रसाद वर्मा ने किसानों को वैज्ञानिक तरीके से खेती करने की सलाह दी।

इस दौरान इफको के क्षेत्र अधिकारी देव कुमार एवं चंदन कुमार ने किसानों को आधुनिक तरीके से धान एवं मक्का के खेती के बारे में चर्चा की। उन्होंने किसानों को सलाह दिया कि इसबार अपने सभी फसलों की बुवाई के पहले बीज़ को नैनो डीएपी से शोधन अवश्य करें, इससे पौधों के जाड़ों का विकास बहुत अच्छे ढंग से होता है एवं पौधे स्वस्थ निकलते हैं। अपने खड़े फसलों में 2 बार नैनो उर्वरकों का छिड़काव कर देने पर धान के उपज में करीब 8-10 प्रतिशत की बढ़ोतरी होती है, रोग बीमारियों में कमी आती है एवं हरापन लंबे समय तक बना रहता है।

उन्होंने बताया कि नैनो उर्वरकों की मदद से पारंपरिक उर्वरकों के मात्रा को 50 प्रतिशत तक कम किया जा सकता है। धान में खैरा बिमारी के बारे में जानकारी देते हुए उन्होंने किसानों को जिंक उर्वरक इस्तेमाल करने की सलाह दी। किसानों को बताया गया कि वैज्ञानिक विधि से खेती कर वे अपने लागत को कम करते हुए उपज में वृद्धि कर सकते हैं।

कार्यक्रम के मुख्य संयोजक सियाटांड के वर्मा बीज़ भंडार के विक्रेता सुधीर वर्मा एवं कार्यक्रम को सफल बनाने में नीतेश कुमार, नवीन कुमार एवं संदीप कुमार की अहम भूमिका रही।

About Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

About the editor

Gopi Krishna verma

Gopikrishna Verma serves as the Editor of the ‘Dahad India’ news portal. Furthermore, he possesses over fifteen years of experience in the field of journalism. In addition to his work with this news portal, he currently serves as a correspondent for the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. He began his career in journalism with the Hindi edition of the ‘Hindustan Times’. His writing on serious subjects—such as public issues, law, education, and the environment—is remarkable, unique, and inspiring. His dedication to the field of education is such that he himself serves as the Director and Science Mentor at an educational institution, the ‘Adarsh Institute of Education’.

BlockSpare — News, Magazine and Blog Addons for (Gutenberg) Block Editor

Search the Archives

Access over the years of investigative journalism and breaking reports