मुख्यमंत्री एवं राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष के सतत प्रयास से नाइजर, अफ्रीका में फंसे गिरिडीह के 05 श्रमिकों को सकुशल किया गया रिहा
Last Updated on January 9, 2026 by Gopi Krishna Verma
राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा बताया गया कि 05 श्रमिकों के मुंबई पहुंचने की पुष्टि कंपनी द्वारा की गई है, मेडिकल जांच एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण होने के पश्चात जल्द ही सभी श्रमिकों की राज्य वापसी सुनिश्चित होगी: उपायुक्त

गिरिडीह। उपायुक्त-सह-जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव ने जानकारी दी कि माननीय मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन एवं झारखंड सरकार/राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष/विदेश मंत्रालय के सतत प्रयास से नाइजर अफ्रीका में फंसे गिरिडीह के 05 श्रमिकों की जल्द ही झारखंड में वापसी सुनिश्चित होने जा रही है।

उन्होंने बताया कि दिनांक 08.01.26 को जगनमोहन सिंह, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री हेड, कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी से प्राप्त जानकारी के अनुसार नाइजर अफ्रीका में फंसे 05 श्रमिकों को लगभग 08 महीना की बंधक अवधि के पश्चात रिहा कर दिया गया है। आज दिनांक 09.01.26 को पांचों श्रमिकों के मुंबई पहुंचने की पुष्टि कंपनी द्वारा की गई है। इसके अलावा राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा भी सभी श्रमिकों से दूरभाष पर बातचीत कर उनकी वर्तमान स्थिति से अवगत हुआ गया है।
मेडिकल जांच एवं अन्य आवश्यक औपचारिकताएं पूर्ण करने के उपरांत दिनांक 14.01.26 को कंपनी द्वारा हवाई मार्ग से उन्हें सकुशल झारखंड भेजने की प्रक्रिया की जाएगी। सहायक श्रमायुक्त प्रवीण कुमार ने बताया कि 27.04.2025 को राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को सूचना दी गई कि ग्राम-दोन्दलो एवं मुंडरो, थाना-बगोदर, जिला-गिरिडीह, झारखंड के पाँच प्रवासी श्रमिक, जो कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी, नाइजर में कार्यरत थे, का अपहरण कर लिया गया है तथा उनसे संपर्क स्थापित नहीं हो पा रहा है।

श्रमिकों में 1. फ़लजीत महतो, 2. राजू कुमार, 3. चंद्रिका महतों, 4. संजय महतों 5. उत्तम महतों शामिल है।
उक्त मामले को त्वरित संज्ञान में लेते हुए माननीय मुख्यमंत्री महोदय ने राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष को विदेश मंत्रालय और भारतीय दूतावास से संपर्क स्थापित कर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने का निर्देश दिया, जिसके परिणाम स्वरूप राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा त्वरित कार्रवाई करते हुए जगनमोहन सिंह, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट एवं कंट्री हेड, कल्पतरु ट्रांसमिशन लाइन कंपनी से संपर्क कर श्रमिकों की जानकारी प्राप्त की गई तथा श्रमिकों के रिहाई को लेकर त्वरित कार्यवाही करने की बात कही गई। राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा दिनांक 28.04.2025 को मामले का सत्यापन करते हुए प्रोटेक्टर ऑफ इमिर्गेट्स, रांची, भारतीय दूतावास (नियामी, नाइजर) तथा विदेश मंत्रालय, भारत सरकार को ई-मेल के माध्यम से तत्काल आवश्यक कार्रवाई हेतु सूचित किया गया एवं पाँचों श्रमिकों की सुरक्षित रिहाई एवं स्वदेश वापसी हेतु प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई का अनुरोध किया गया। इसके अलावा कंपनी द्वारा जानकारी दी गई कि जनवरी 2025 से मार्च 2025 तक श्रमिकों को 550 अमेरिकी डॉलर प्रति माह (लगभग ₹47,620/-) का वेतन भुगतान किया गया।
श्रमिकों को तिमाही आधार पर वेतन का भुगतान किया जाता है, जिसमें कुछ राशि स्थानीय खर्च हेतु दी जाती है तथा शेष तिमाही के अंत में भुगतान की जाती है। तीन माह हेतु प्रति श्रमिक कुल वेतन ₹1,42,857/- है। जून 2025 में परिजनों द्वारा अतिरिक्त सहायता की मांग की गई, जिसका भुगतान किया गया। फंसे हुए श्रमिकों के परिजनों को ₹17,000/- प्रति माह सहायता राशि दी जा रही है, जिसकी पुष्टि राज्य प्रवासी नियंत्रण कक्ष द्वारा की गई है। कंपनी द्वारा तिमाही आधार पर सभी पाँचों श्रमिकों के बैंक खातों में वेतन का भुगतान नियमित रूप से किया जा रहा है। इसके अलावा जिला प्रशासन की पहल पर श्रमिकों के आश्रितों को विभिन्न विभागीय सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से आच्छादित किया गया, जिनमें लेबर कार्ड, आयुष्मान कार्ड, राशन कार्ड, पशुपालन योजना, आवास योजना, उज्ज्वला योजना, मनरेगा जॉब कार्ड, स्वच्छ भारत मिशन शौचालय, पेंशन योजना, नल-जल योजना कनेक्शन, ई-श्रम पंजीकरण, बिरसा हरित ग्राम योजना, JSPL योजना एवं मईया सम्मान योजना शामिल हैं।
