निकाय चुनाव: वरिष्ठ मतदाता भी पहुंच रहे मतदान को
Last Updated on February 23, 2026 by Gopi Krishna Verma
मतदान केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है

गिरिडीह। वरिष्ठ मतदाताओं ने लोकतंत्र के इस महत्वपूर्ण पर्व में बढ़-चढ़कर अपने मताधिकार का उपयोग किया। उम्र के इस पड़ाव पर भी उनका उत्साह और जागरूकता प्रशंसनीय रही। कई बुजुर्ग मतदाता सुबह से ही मतदान केंद्रों पर पहुंच गए और अपनी बारी का धैर्यपूर्वक इंतजार किया।

कुछ वरिष्ठ नागरिक शारीरिक असुविधाओं के बावजूद मतदान करने पहुंचे, जो उनकी लोकतांत्रिक प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उनकी भागीदारी समाज के लिए एक प्रेरणा है। वे यह संदेश देते हैं कि मतदान केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है। वरिष्ठ मतदाताओं का अनुभव और समझ लोकतांत्रिक प्रक्रिया को सशक्त बनाती है।

उनका मतदान में हिस्सा लेना युवाओं को भी अपने कर्तव्यों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित करता है। लोकतंत्र की मजबूती नागरिकों की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है, और वरिष्ठ नागरिकों का योगदान इसमें विशेष महत्व रखता है।
