आस्था और भक्ति का संगम है, बसंती दुर्गा पंडालों में सज रही मां दुर्गा की प्रतिमाएं

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Last Updated on March 22, 2026 by Gopi Krishna Verma

बिरनी। प्रखंड क्षेत्र के भरकट्टा ओपी में इन दिनों आस्था, कला और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। जैसे-जैसे पावन महाअष्टमी नजदीक आती जा रही है, वैसे-वैसे विभिन्न पुजा समिति के युवा एवं पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में रंगता जा रहा है। खासकर मूर्तिकार अपनी कला और साधना के माध्यम से मां दुर्गा के दिव्य स्वरूप को साकार करने में दिन-रात जुटे हुए हैं।

मूर्तिकारों की कार्यशालाएं इन दिनों किसी तपोभूमि से कम नहीं लगतीं। यहां मिट्टी, पुआल और रंगों के मेल से न केवल अनुपम प्रतिमाएं गढ़ी जा रही हैं, बल्कि श्रद्धा की सजीव अभिव्यक्ति भी आकार ले रही है। कुशल शिल्पकार अपनी टीम के साथ मां दुर्गा के भव्य और आकर्षक स्वरूप के साथ-साथ भगवान गणेश, कार्तिकेय, माता लक्ष्मी और मां सरस्वती की प्रतिमाओं को भी अंतिम रूप देने में जीजान से लगे हैं।

इन कलाकारों की उंगलियां जब मिट्टी को स्पर्श करती हैं, तो वह निर्जीव नहीं रहती बल्कि उसमें भाव, जीवंतता और दिव्यता झलकने लगती है। मां के चेहरे की मधुर मुस्कान, आंखों की करुणा, शस्त्रों की बारीकी और आभूषणों की सजावट हर पहलू को अत्यंत सूक्ष्मता और समर्पण के साथ उकेरा जा रहा है। यही कारण है कि अधूरी प्रतिमाएं भी अभी से राहगीरों और श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं।

इस वर्ष मूर्तिकार विशेष रूप से प्रतिमाओं को “अति-यथार्थवादी” रूप देने का प्रयास कर रहे हैं, ताकि श्रद्धालुओं को मां दुर्गा की साक्षात उपस्थिति का अनुभव हो सके। कलाकारों का मानना है कि यह केवल शिल्प नहीं, बल्कि उनकी आस्था और साधना का परिणाम है, जो प्रतिमा के रूप में प्रकट होता है।

वहीं, भरकट्टा ओपी के बाजारों में भी रौनक बढ़ने लगी है। पूजा समितियां पंडाल निर्माण और भव्य सजावट की तैयारियों में जुट गई हैं। अब तक प्रतिमाओं का लगभग 60 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है और शेष समय में कलाकार रंग-सज्जा और श्रृंगार को अंतिम रूप देने में लगे हैं।

निश्चित ही, जैसे ही अष्टमी का शुभारंभ होगा और पंडालों के पट खुलेंगे, ये दिव्य प्रतिमाएं श्रद्धालुओं के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनेंगी। यहां की यह सृजनधारा न केवल कला का उदाहरण है, बल्कि आस्था की जीवंत अनुभूति भी है, जो हर वर्ष लोगों के हृदय में नई ऊर्जा और भक्ति का संचार करती है।

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