गिरिडीह में राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारी तेज: 22 नवंबर से 4.90 लाख बच्चों को पिलाई जाएगी पोलियो की खुराक
Last Updated on November 3, 2026 by Gopi Krishna Verma
उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक, शत-प्रतिशत बच्चों का टीकाकरण सुनिश्चित करने का निर्देश

गिरिडीह। समाहरणालय सभागार में मंगलवार को उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी रामनिवास यादव की अध्यक्षता में आगामी राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के सफल संचालन एवं प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर जिला स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में आगामी 22 नवंबर से शुरू होने वाले तीन दिवसीय पल्स पोलियो अभियान की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की गई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
एक भी बच्चा न छूटे, बेहतर समन्वय के साथ करें कार्य: उपायुक्त
बैठक को संबोधित करते हुए उपायुक्त रामनिवास यादव ने कहा कि पोलियो उन्मूलन के राष्ट्रीय लक्ष्य को बनाए रखने के लिए यह अत्यंत आवश्यक है कि जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग का एक भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय, बेहतर माइक्रो प्लानिंग और प्रभावी मॉनिटरिंग के साथ अभियान का सफल संचालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अभियान के तहत निर्धारित लक्ष्य की शत-प्रतिशत प्राप्ति प्रशासन की प्राथमिकता है और इसमें किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

22 नवंबर को 2,337 बूथों पर होगी खुराक की पिलाई, अगले दो दिन चलेगा घर-घर अभियान
सिविल सर्जन ने बैठक में तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस वर्ष गिरिडीह जिले में 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के कुल 4,90,549 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाने का लक्ष्य रखा गया है।
- पहला दिन (22 नवंबर): जिले के कुल 2,337 बूथों पर बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। प्रथम दिन बूथ कवरेज को अधिकतम तक पहुंचाने के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार और जन-जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया गया है।
- दूसरा एवं तीसरा दिन (23 व 24 नवंबर): स्वास्थ्य विभाग की टीमें घर-घर (डोर-टू-डोर) जाकर बूथ पर छूटे हुए बच्चों को चिन्हित कर पोलियो की खुराक पिलाएंगी।

अभियान की मुख्य बातें एवं निर्देश:
- बूथों पर सहभागिता बढ़ाएं: आंगनबाड़ी केंद्रों, विद्यालयों, पंचायतों और अन्य जनसंपर्क माध्यमों का उपयोग कर अभिभावकों को जागरूक करने को कहा गया है, ताकि वे बच्चों को समय पर बूथ तक लाएं।
- दुर्गम और शहरी बस्तियों पर विशेष फोकस: ग्रामीण व दूरस्थ क्षेत्रों के साथ-साथ शहरी झुग्गी-बस्तियों, प्रवासी परिवारों और विशेष समुदायों तक शत-प्रतिशत पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
- कोल्ड चेन की दुरुस्त व्यवस्था: वैक्सीन की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए कोल्ड चेन व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त रखने और समयबद्ध सुरक्षित आपूर्ति सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया।
- मानव संसाधन की तैनाती: अभियान के सफल संचालन के लिए कुल 2,403 स्वास्थ्य कर्मियों की तैनाती की गई है। साथ ही सुपरवाइजरों और मॉनिटरिंग टीमों के माध्यम से नियमित निगरानी के निर्देश दिए गए हैं।

बैठक में उप विकास आयुक्त, सिविल सर्जन, सहायक समाहर्ता, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक, सभी प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी, कार्यक्रम पदाधिकारी और प्रखंड कार्यक्रम समन्वयक सहित कई अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
