जमुआ के बेरहाबाद में 20 दिवसीय साड़ी निर्माण प्रशिक्षण संपन्न, 30 महिलाएं हुईं सम्मानित
Last Updated on November 3, 2026 by Gopi Krishna Verma
–नाबार्ड के सौजन्य से आइडिया संस्था द्वारा आयोजित हुआ प्रशिक्षण, महिलाओं को मिलेगा आर्टिजन कार्ड और बैंक ऋण का लाभ

जमुआ। जमुआ प्रखंड अंतर्गत बेरहाबाद पंचायत में नाबार्ड के सौजन्य से ‘आइडिया’ संस्था द्वारा एसएचजी (स्वयं सहायता समूह) की महिलाओं के लिए आयोजित दूसरे बैच का 20 दिवसीय साड़ी निर्माण प्रशिक्षण मंगलवार को सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस अवसर पर आयोजित समापन सह प्रमाण पत्र वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में नाबार्ड गिरिडीह के जिला विकास प्रबंधक (DDM) हरिहरन सीवी उपस्थित रहे।
स्वरोजगार अपनाकर स्वावलंबी बनें महिलाएं: डीडीएम
समारोह को संबोधित करते हुए डीडीएम हरिहरन सीवी ने कहा कि प्रशिक्षण ले रही महिलाओं ने बेहद लगन के साथ हुनर सीखा है और इस दौरान कुछ आकर्षक साड़ियों का निर्माण भी किया है। उन्होंने घोषणा की कि सभी प्रशिक्षित महिलाओं को प्रमाण पत्र के साथ-साथ ‘आर्टिजन कार्ड’ भी उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने महिलाओं से आह्वान किया कि वे साड़ी निर्माण का लघु कारोबार शुरू कर पूरी तरह स्वावलंबी बनें।

विभाग और संस्थाओं का मिला सहयोग का भरोसा
- मुख्यमंत्री लघु एवं कुटीर उद्यम विकास बोर्ड: जिला उद्यमी समन्वयक अविनाश कुमार ने आश्वासन दिया कि प्रशिक्षित महिलाओं को जिला उद्योग केंद्र की ओर से हरसंभव मदद दी जाएगी।
- जेएसएलपीएस: बीपीएम धर्मेंद्र कुमार ने कहा कि हस्तकरघा उद्योग को बढ़ावा देने के लिए जेएसएलपीएस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और संस्था द्वारा किया जा रहा यह कार्य अत्यंत सराहनीय है। कार्यक्रम में दीपक कुमार ने भी अपने विचार रखे।
- आइडिया संस्था: प्रोग्राम को-ऑर्डिनेटर ने जानकारी दी कि महिलाओं को स्वरोजगार आगे बढ़ाने के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण (लोन) उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन सकेंगी।
- स्थानीय नेतृत्व: बेरहाबाद पंचायत की मुखिया सोनी कुमारी ने कहा कि यह प्रशिक्षण महिलाओं के जीवन में मील का पत्थर साबित होगा। स्वरोजगार से आने वाली आमदनी उनके जीवन स्तर में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

हुनरमंद बनीं 30 महिलाएं
भागलपुर (बिहार) से आए मुख्य प्रशिक्षक विश्वनाथ शाह और सहायक प्रशिक्षक पिंटू कुमार ने महिलाओं को साड़ी निर्माण की बारीकियों का प्रशिक्षण दिया।
इस समापन समारोह में मुद्रिका देवी, सुनिता देवी, सुमित्रा देवी, हेमंती देवी, रविता देवी, मालती देवी, सोनी कुमारी, रेखा देवी, राधिका देवी, मीना देवी, कौशल्या देवी, रेणु कुमारी, लक्ष्मी देवी, रानी देवी, रिंकू देवी, पिंकी देवी, अनिता देवी, संजनी देवी और गुड़िया देवी सहित कुल 30 प्रशिक्षित महिलाएं उपस्थित रहीं।
