झारखंड में 8वीं, 9वीं और 11वीं की बोर्ड परीक्षा पर बड़ा फैसला! 2027 में जैक ही लेगा परीक्षा
Last Updated on November 3, 2026 by Gopi Krishna Verma
परीक्षा व्यवस्था को लेकर असमंजस खत्म, कैबिनेट की मंजूरी मिलने तक पुरानी व्यवस्था रहेगी लागू; मार्च 2027 तक जारी होगा परीक्षा परिणाम

JAC NEWS। झारखंड में आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा को लेकर चल रही चर्चाओं के बीच बड़ा अपडेट सामने आया है। शैक्षणिक सत्र 2026-27 में इन तीनों कक्षाओं की वार्षिक बोर्ड परीक्षा झारखंड एकेडमिक काउंसिल (जैक) ही आयोजित करेगा। झारखंड शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (जेसीईआरटी) ने परीक्षा आयोजन को लेकर अपनी असमर्थता जताई है। ऐसे में फिलहाल छात्रों को पुरानी परीक्षा व्यवस्था के तहत ही परीक्षा देनी होगी।
नई व्यवस्था की तैयारी, लेकिन अभी जैक के जिम्मे परीक्षा
जेसीईआरटी की ओर से स्पष्ट किया गया है कि परीक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषय पर किसी तरह की दुविधा नहीं होनी चाहिए। राज्य के विकास आयुक्त की अध्यक्षता में एक दिसंबर 2025 को हुई बैठक में इस विषय पर विचार-विमर्श किया गया था। बैठक में प्रक्रिया के तहत तैयार प्रस्ताव पर मंत्रिमंडल की स्वीकृति मिलने तक पूर्व की भांति आठवीं, नौवीं और 11वीं की वार्षिक परीक्षा जैक की ओर से आयोजित किए जाने की बात कही गई है।

परिषद के निदेशक शशि रंजन ने इस संबंध में जैक अध्यक्ष को पत्र लिखा है। इससे परीक्षा आयोजन को लेकर छात्रों और अभिभावकों के बीच बनी असमंजस की स्थिति दूर होने की उम्मीद है।
एक साल से बन रही मूल्यांकन नीति, क्या बदलेगा परीक्षा का तरीका
राज्य में पहली कक्षा से 12वीं तक के विद्यार्थियों के वार्षिक मूल्यांकन कार्यक्रम को लेकर नई नीति बनाने की प्रक्रिया चल रही है। पिछले वर्ष विकास आयुक्त की अध्यक्षता में हुई बैठक में मूल्यांकन नीति तैयार करने का निर्देश दिया गया था। इसके बाद अर्द्धवार्षिक, वार्षिक और प्री-बोर्ड परीक्षाओं के मूल्यांकन को लेकर माध्यमिक शिक्षा निदेशालय की ओर से कार्रवाई की जा रही है।

31 मार्च 2027 से पहले आएगा परीक्षा परिणाम
शैक्षणिक सत्र 2026-27 की आठवीं, नौवीं और 11वीं कक्षा की वार्षिक परीक्षा का परिणाम हर हाल में 31 मार्च 2027 से पहले प्रकाशित किया जाएगा। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों को अगली कक्षा में प्रोन्नति और नामांकन के दौरान किसी प्रकार की परेशानी या देरी से बचाना है। समय पर परिणाम जारी होने से छात्रों का शैक्षणिक नुकसान भी नहीं होगा।
फिलहाल परीक्षा आयोजन की जिम्मेदारी जैक के पास ही रहेगी। नई मूल्यांकन नीति को लेकर अंतिम निर्णय मंत्रिमंडल की स्वीकृति के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
