Last Updated on October 12, 2026 by Gopi Krishna Verma
– समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना और मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना में तेजी लाने के निर्देश – योग्य लाभुकों का समयबद्ध चयन और लंबित आवेदनों के त्वरित निष्पादन पर जोर

गिरिडीह। उपायुक्त रामनिवास यादव की अध्यक्षता में समाहरणालय सभागार में कृषि, पशुपालन, सहकारिता, मत्स्य, गव्य विकास एवं उद्यान विभाग की एक उच्चस्तरीय समीक्षात्मक बैठक आयोजित की गई। बैठक में विभिन्न विभागों के अंतर्गत संचालित कल्याणकारी योजनाओं की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति, व्यय की स्थिति तथा निर्धारित लक्ष्यों की विस्तार से समीक्षा की गई।
योजनाओं का लाभ धरातल तक पहुँचाना प्राथमिकता
बैठक के दौरान उपायुक्त ने समेकित बिरसा ग्राम विकास योजना समेत किसानों, पशुपालकों और ग्रामीण परिवारों के हित में संचालित सभी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष बल दिया। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि विभागीय अधिकारी नियमित अनुश्रवण (Monitoring) करें और निर्धारित लक्ष्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करना सुनिश्चित करें, ताकि योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम पायदान पर खड़े पात्र लाभुक तक पहुँचे।

मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना और पशु टीकाकरण पर जोर
मुख्यमंत्री पशुधन विकास योजना की समीक्षा करते हुए डीसी ने निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप पात्र लाभुकों को शत-प्रतिशत आच्छादित करने का निर्देश दिया। इसके साथ ही, पशुओं का शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करने पर जोर देते हुए कहा कि पशुधन का संरक्षण, पशुपालकों की आजीविका में सुधार और पशुजनित रोगों की रोकथाम प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।
आधुनिक कृषि तकनीकों और प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान
कृषि विभाग एवं आत्मा (ATMA) की समीक्षा के क्रम में उपायुक्त ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों और वैज्ञानिक खेती की पद्धतियों से अवगत कराने के लिए जागरूकता अभियानों एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने को कहा। उन्होंने कहा कि किसानों को केवल योजनाओं की जानकारी ही नहीं दी जानी चाहिए, बल्कि उन्हें धरातल पर उसका लाभ भी मिलना चाहिए।

अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने का निर्देश
सहकारिता, गव्य विकास, मत्स्य और भूमि संरक्षण विभागों की समीक्षा के दौरान डीसी ने लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन करने तथा कार्यों में जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र की ये योजनाएं ग्रामीण आजीविका को सशक्त बनाने का मुख्य आधार हैं, इसलिए सभी संबंधित अधिकारी आपसी समन्वय बनाकर कार्य करें।
बैठक में जिला कृषि पदाधिकारी, जिला सहकारिता पदाधिकारी, जिला पशुपालन पदाधिकारी, जिला मत्स्य पदाधिकारी, जिला गव्य विकास पदाधिकारी और जिला उद्यान पदाधिकारी समेत कई अन्य अधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे।




